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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. 'शहर से लोकसभा के लिए कांग्रेस की टिकट चाहे विनोद शर्मा को दो, मनीष तिवारी को या कांग्रेस के किसी नेता को, लेकिन पवन कुमार बंसल को नहीं। कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी की चंडीगढ़ इकाई के प्रभारी शकील अहमद के सामने हरमोहिंद्र सिंह लक्की ने यह मांग की। उनके साथ कुछ और कांग्रेसी नेता थे। सोमवार को अहमद कांग्रेस भवन में प्रदेश इलेक्शन कमेटी की मीटिंग लेने आए थे। मीटिंग से पहले ही बंसल के खिलाफ बगावत सामने आ गई।
पूर्व डिप्टी मेयर एवं कांग्रेस अर्बन-1 के प्रेसिडेंट लक्की ने कहा कि बंसल शहर में परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें तो अब रिटायरमेंट ले लेनी चाहिए। पार्टी में वर्करों की कद्र नहीं है। मनीष बंसल यूथ कांग्रेस चला रहे हंै और मधु बंसल महिला कांग्रेस। लोगों की समस्यांए जस की तस हैं।
प्रदेश इलेक्शन कमेटी गुपचुप तरीके से बैठकें करके बंसल का नाम प्रस्तावित करके भेज रही है, जो मंजूर नहीं है। हालत यह है कि इलेक्शन कमेटी की मीटिंग की जानकारी ही ज्यादातर कांग्रेसियों को नहीं दी गई थी। इसके बाद प्रदेश इलेक्शन कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया गया कि चंडीगढ़ कांग्रेस से अकेले पवन बंसल का नाम लोकसभा टिकट के लिए नहीं जाएगा। कांग्रेस की टिकट के इच्छुक नेता 29 जनवरी तक अपने नाम कमेटी को भेज सकते हैं। बंसल के सांसद बनने के बाद से यह पहली बार होगा, जब हाईकमान के पास कई नाम जा सकते हैं। अब तक सिर्फ बंसल का नाम ही जाता था।
इनके भी नाम गिनाए: अहमद के सामने लक्की ने कहा- कांग्रेस चाहे तो मुकेश बस्सी, रविंदर पाल सिंह पाली, सुभाष चावला, दविंदर सिंह बबला, प्रदीप छाबड़ा, डीडी ंिजंदल, भूपिंदर बड़हेड़ी या फिर मुझे भी टिकट दे सकती है। पार्टी में पुराने चेहरों के बजाय नए एवं युवा चेहरों को टिकट दी जानी चाहिए। खैर लक्की ने जिन आठ नेताओं के नाम नए चेहरे के तौर पर लिया है, उनमें से चार काउंसलर का इलेक्शन भी हार चुके हैं।
डेमोक्रेसी में सबको बोलने का हक: बंसल
चंडीगढ़ त्न एचएस लक्की की बगावत पर पवन बंसल ने भास्कर से कहा- डेमोक्रेसी में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लक्की ने भी अपनी बात रखी है। जब उनसे पूछा गया कि कुछ दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस की मीटिंग में राहुल गांधी के सामने तो लक्की ने उन्हें चंडीगढ़ से कांग्रेस का कैंडिडेट बनाए जाने की वकालत की थी, तो बंसल ने कहा- पार्टी में ऐसा होता रहता है। लोगों के मापदंड में खरा उतरने के लिए भरपूर प्रयास और मेहनत करनी पड़ती है। मैंने चंडीगढ़ का हर स्तर पर विकास कराया है। पार्टी को इस बारे में सभी तथ्यों की जानकारी है। यह समय ही बताएगा कि किसको टिकट मिलेगी।
सभी को मिलेगा मौका: शकील अहमद
पार्टी के कई नेताओं ने चयन प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई थी। सभी को 29 जनवरी तक आवेदन करने को कहा गया है। पार्टी में सभी को अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। कोई भी टिकट के लिए आवेदन कर सकता है। हमें राहुल गांधी का सपना साकार करना है। -शकील अहमद
बगावत की वजह
तैयारी तो दो माह से थी, रविवार की बैठक में बनी रणनीति
बंसल के खिलाफ आवाज उठाने की तैयारी दो महीने से चल रही थी। चंडीगढ़ कांग्रेस के नेताओं का एक वर्ग बंसल से नाराज है। इस गुट के नेताओं की रविवार शाम को सेक्टर-27 में बैठक हुई, जिसके बाद आवाज उठाने का फैसला किया गया। इस बैठक में लक्की, दविंदर सिंह बबला, रविंदर पाल सिंह पाली, भूपिंदर सिंह बड़हेड़ी, विजय राणा, डीडी जिंदल आदि मौजूद थे। इस गुट को लग रहा है कि बंसल को टिकट मिलती है तो कांग्रेस के लिए जीत आसान नहीं होगी। बंसल अपने बेटे मनीष को प्रमोट कर रहे हैं।
आज न बोलते तो फिर नहीं मिलता मौका
सोमवार को प्रदेश इलेक्शन कमेटी ने बंसल का नाम फाइनल करके पार्टी हाईकमान को भेजना था। बागी सोमवार को न बोलते तो फिर उन्हें मौका नहीं मिलता।
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