पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

देश के लिए जंग लड़ चुके फौजी ने अब बेटे से जीती लड़ाई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंचकूला. 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान दुश्मनों से लोहा ले चुके 80 साल के नायक ठाकुर सिंह नेगी अब देश के भीतर भी एक जंग जीत गए हैं। लेकिन इस जीत के बाद भी उनके सीने में एक दर्द है, एक टीस है। क्योंकि यह जंग अपने ही बेटे के खिलाफ थी। डेढ़ साल पहले बेटे दीपक ने उन्हें बेघर कर दिया था। अपना मकान वापस लेने के लिए नेगी ने कानूनी लड़ाई लड़ी। बुधवार को बेटे से मकान का मालिकाना हक और कब्जा उन्हें मिल गया। हालांकि कोर्ट के आदेश के मुताबिक तो उन्हें मई में यह कब्जा मिल जाना चाहिए था। नेगी कहते हैं- न्याय तो कई महीनों बाद मिला, लेकिन चलो देर आए तो दुरुस्त आए।

पंचकूला के एसडीएम ने 15 अप्रैल 2013 को पुलिस को आदेश दिया था कि एक महीने में नेगी को उनके बेटे से मकान का कब्जा दिलवाया जाए। इसके बाद दो बार रिमाइंडर दिए गए, लेकिन नेगी को मकान नहीं मिल पाया। इसके बाद कोर्ट ने दोबारा पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए कहा। करीब 16 महीने बाद अब मकान मिला है।
अपनों ने निकाला तो ओल्ड एज होम में मिला सहारा
करीब डेढ़ साल पहले बेटे ने घर से निकाला तो नेगी को सेक्टर-15 के ओल्ड एज होम में सहारा मिला। वे बताते हैं- पत्नी की मौत के बाद से बेटे ने मुझसे नाता तोड़ लिया। करीब चार साल पहले खाना-पीना देना छोड़ दिया। उसका बुरा व्यवहार भी सहता रहा। हद तब हो गई जब अपने ही घर से निकला दिया। सेक्टर-15 में हाउसिंग बोर्ड का यह मकान उन्हें 1980 में अलॉट हुआ था। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो बेटे ने उन्हें जान से मारने तक की धमकी दे दी। वह इस धमकी से नहीं डरे। अपने हक के लिए पुलिस के पास पहुंचे।
आप भी ले सकते हैं मदद
डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के एडवोकेट मनबीर सिंह राठी ने बताया कि मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एक्ट 2007 के तहत हम बुजुर्गों की मदद कर सकते हैं। किसी भी बजुर्ग को उनकी संपत्ति व मकान से बाहर नहीं निकाला जा सकता। इस एक्ट के जरिये वो मदद ले सकते हैं।
यहां संपर्क करें
- हरियाणा लीगल सर्विस अथॉरिटी का टोल फ्री नंबर -1800 180 2057
- पंचकूला कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी: 0172-2585566
- चंडीगढ़ सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट का हेल्पलाइन नंबर- 181
अपने घर में ठाकुर सिंह नेगी।