चंडीगढ़. यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से निकाले गए गेस्ट टीचर्स के केस में वीरवार को डीपीआई (स्कूल्स) उपकार सिंह को व्यक्तिगत रूप से कैट में पेश होना पड़ा। उनके साथ ही डीईओ रामकुमार, डिप्टी डायरेक्टर चंचल सिंह भी पेश हुए।
अदालत ने डीपीआई से पूछा कि क्या आप निकाले गए टीचर्स को एडजस्ट कर पाएंगे? इस पर डीपीआई ने समय मांगा। अदालत ने पूछा कि कितना वक्त चाहिए। डीपीआई ने कहा, संबंधित दस्तावेज उच्चधिकारियों के पास हैं। इस पर कैट ने कहा कि अगर उच्चधिकारियों के पास हैं, तो सबसे पहले एजुकेशन सेक्रेटरी को ही बुला लेते हैं।
अदालत ने आधे घंटे के भीतर एजुकेशन सेक्रेटरी वीके सिंह को कैट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखने का नोटिस दिया। इस बीच डीपीआई ने दोबारा अदालत में पेश हुए और कहा कि एजुकेशन सेक्रेटरी मसूरी में एक बैठक में हिस्सा लेने गए हुए हैं। इसके बाद कैट ने 29 मई को एजुकेशन सेक्रेटरी वीके सिंह को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
डीपीआई बोले- एक दिन में मुमकिन नहीं
कैट में सुनवाई शुरू हुई तो एजुकेशन डिपार्टमेंट ने दस्तावेज जुटाने के लिए फिर से समय मांगा। कैट ने एक दिन का समय दिया तो, डीपीआई ने कहा कि एक दिन में संभव नहीं है। कैट ने फिर सात दिन का वक्त दिया, तो भी डिपार्टमेंट सहमत नहीं हुआ। इस पर कैट ने कहा कि 11 और 12 मई को कैट में छुट्टी है। इसके बाद बेंच सात दिन के लिए शिमला लगेगा। फिर 18 और 19 को भी छुट्टी है। लिहाजा कैट ने 29 मई को वीके सिंह को तलब किया है।
कोर्ट रूम में पहुंचे टीचर
निकाले गए गेस्ट और कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स वीरवार को कोर्ट में मौजूद थे। इंग्लिश लेक्चरर वीनू गुप्ता ने कहा कि वे पिछले 11 साल से अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन डिपार्टमेंट ने एकाएक निकाल दिया। समझ नहीं आ रहा कि इस उम्र में क्या करें।
कुछ लेक्चर्स ने डिपार्टमेंट के बड़े अफसरों पर भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए। 12 अप्रैल को कैट ने कहा था कि डिपार्टमेंट जिन टीचर्स को निकालना चाहता है, उसकी लिस्ट पहले उन्हें दे, ताकि इन टीचर्स को अपना पक्ष रखने का मौका मिले। डिपार्टमेंट ने 17 अप्रैल को ९६ टीचर्स को बिना किसी नोटिस के निकाल दिया था। 55 टीचर्स ने कैट में याचिका दायर कर डिपार्टमेंट के इस फैसले को चुनौती दी थी।
6 पैरामीटर्स: गेस्ट टीचर्स की राह में रुकावट
गौरव भाटिया. चंडीगढ़. पिछले 22 दिनों से नौकरी वापस हासिल करने के लिए भटक रहे 96 गेस्ट टीचर्स के लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट ने रास्ता निकाला है, लेकिन इससे टीचर्स को राहत मिलती नहीं दिखती। डिपार्टमेंट ने 6 पैरामीटर्स को नजरअंदाज करने की बात की है, जिससे टीचर्स को वापस नौकरी दी जा सकती है। लेकिन इन पैरामीटर्स को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
6 पैरामीटर्स की फाइल एजुकेशन सेक्रेटरी वीके सिंह को भेजी गई है। डिपार्टमेंट का कहना है कि पहले डिपार्टमेंट ऑफ पर्साेनल और लीगल रिम्मबरेंस सेल इन पैरामीटर्स को नजरअंदाज करने पर अपनी मुहर लगाए। डीपीआई ने फाइल में लिखा है कि इन टीचर्स को काम करते लंबा समय हो चुका है। अब इन्हें कहीं और नौकरी नहीं मिल सकेगी। इसलिए इन्हें सहानुभूति के आधार पर ‘वन-ऑफ’ रिलीफ दिया जाए।
6 पैरामीटर्स
1. केंद्र ने नौकरी के लिए सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी) को जरूरी बताया है। 96 में से 69 ने यह टेस्ट क्लीयर नहीं किया है। उन्हें छूट दी जाए।
2. ज्यादातर एप्लीकेंट्स 30 (पुरुष) और 35 (महिलाएं) की उम्र पार कर चुके हैं। इन्हें उम्र में छूट दी जाए।
3. कुछ टीचर्स के ग्रेजुएशन और बीएड में 50 फीसदी से भी कम नंबर हैं। इन्हें नंबरों में छूट देनी होगी।
4. भविष्य में अगर नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग और जूनियर बेसिक टीचर कैडर की प्रमोशन करनी पड़ी, तो इन गेस्ट टीचर्स को फिर निकालना पड़ेगा।
5. टीचर्स को फ्रेश अपॉइंटी की तरह रखा जाए, ताकि यह पिछली नौकरी के बेनिफिट्स क्लेम न कर सकें।
6. इन्हें किस कोटे के तहत एडजस्ट किया जाए, डायरेक्ट, प्रमोशन और डेपुटेशन में या तीनों को मिला दिया जाए?
डीओपी और एलआर की हां का इंतजार
अब एजुकेशन सेक्रेटरी इस फाइल को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल और लीगल रिम्मबरेंस सेल को भेजेंगे। इन दोनों डिपार्टमेंट्स की इजाजत पर निकाले गए टीचर्स को नौकरी वापस मिल जाएगी।