चंडीगढ़. इस बार दिवाली पर ड्रायफ्रूट गिफ्ट करना ज्यादा महंगा पड़ेगा। काजू, बादाम गिरी, किशमिश का रेट पिछले साल की तुलना में करीब 100 से 150 रुपए किलो तक बढ़ चुका है। सबसे ज्यादा अखरोट के दाम बढ़ने के आसार हैं। अभी जिस अखरोट गिरी का रेट 800 से 1000 रुपए किलो है, वह 1000 से 1500 रुपए किलो तक पहुंचने की आशंका है। अखरोट महंगा होने की वजह है
कश्मीर में आई बाढ़। अखरोट कश्मीर से सप्लाई होता है।
कारोबारियों का कहना है कि सितंबर में अखरोट की फसल तैयार होती है। उसके बाद मार्केट तक लाने का 10-15 दिन का प्रोसेस होता है। लेकिन इस बार बाढ़ के कारण अभी तक फसल नहीं तोड़ी जा सकी है। अखरोट उत्पादकों का कहना है कि अखरोट के पेड़ काफी ऊंचाई पर हैं, इसलिए बाढ़ से फसल को नुकसान होने की संभावना कम है। लेकिन वहां तक पहुंचने में दिक्कत जरूर आ रही है। इसलिए अब तक फसल तोड़ी नहीं जा सकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि 5 अक्टूबर के आसपास अखरोट की फसल तोड़ी जाएगी। यानी मार्केट में दीपावली के आसपास ही अखरोट पहुंचेंगे।
ग्रेन मार्केट करियाना एसोसिएशन के प्रधान राम करन गुप्ता ने बताया कि इस बार फसल लेट होने के साथ-साथ महंगी भी होगी। अखरोट गिरी की ज्यादा खपत दीपावली पर गिफ्ट के तौर पर ड्रायफ्रूट के डिब्बों में होती है। अखरोट की फसल फेस्टिवल सीजन में ही चंडीगढ़ आती है। इस समय आने वाली फसल ही पूरे साल इस्तेमाल होती है।
बाकी ड्रायफ्रूट भी महंगे
गुप्ता ने बताया कि अखरोट के अलावा अन्य ड्रायफ्रूट पिछले साल की तुलना 100 से 200 रुपए किलो महंगे हो गए हैं। काजू जो कि मेंगलुरू और वियतनाम से यहां आता है, उसका रेट पहले ही 100 रुपए के आसपास बढ़ चुका है। इसके अलावा बादाम गिरी कैलिफोर्निया से आती है। बादाम गिरी जो पिछले साल 550 रुपए किलो थी, वह इस साल 700 रुपए हो गई है। किशमिश के रेट में भी पिछले साल की तुलना में 150 रुपए किलो का उछाल आया है।