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डाउनलोड करेंमोहाली. गमाडा के सेक्टर-113 में ग्रुप हाउसिंग के नाम पर गीतू कंस्ट्रक्शन (जेसीपीएल) की ओर से किए सवा 4 करोड़ रुपए के फ्रॉड मामले में पुलिस जांच कर रही है। पार्टनर शिकायकर्ता जसविंदर सिंह ग्रेवाल ने पुलिस को गमाडा के डीटीपी (डिवीजनल टाउन प्लानर) मीतइंद्र सिंह मान से एसएमएस के जरिए हुई बातचीत का ब्यौरा दिया है। इससे यह बात साफ होती है कि मान इस कंपनी के मालिक विकास गोयल के साथ मिलकर पैसे के लेनेदेन का भी हिसाब रखते थे। जेसीपीएल के मालिक विकास गोयल को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जसविंदर ग्रेवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मान ही ही जेसीपीएल के लेन-देन का हिसाब रखता था। जसविंदर ने बताया कि जब विकास ने उससे पैसे लेकर न तो जमीन खरीदी और न ही रुपए लौटाए तो मीतइंद्र मान ही इस बात का आश्वासन देते रहे कि विकास रुपए लौटा देगा।
5 करोड़ में से मात्र 73 लाख वापस किए : ग्रेवाल ने बताया कि उसने मीतइंद्र मान के कहने पर विकास गोयल को 5 करोड़ रुपए दिए थे। पैसे वापस नहीं हुए तो उसने मान से कहा कि उसके साथ धोखा हो रहा है। मान को बार-बार कहने पर विकास ने 73 लाख रुपए वापस किए। बुधवार को सेके्रटरी हाउसिंग के साथ गमाडा व पुडा अधिकारियों की हुई। उस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मोहाली में मीतइंद्र ने डीटीपी रहते हुए जिन प्रोजेक्ट्स पर काम किया था, उनकी फाइलों को अच्छी तरह से जांच जाए। ताकि पता चल सके कि किसी अन्य केस में तो कोई गैर कानूनी कार्य नहीं किया गया है।
यह था मामला: गमाडा के सेक्टर-113 में ग्रुप हाउसिंग के नाम पर गीतू कंस्ट्रक्शन के मालिक विकाय गोयल ने अपने पार्टनर ने सवा 4 करोड़ की धोखाधड़ी की। इसमें गमाडा के डिवीजनल टाउन प्लानर (डीटीपी) मीतइंद्र मान ने भी विकास का साथ दिया। पुलिस ने डीटीपी को साजिश रचने का आरोपी बनाया है। जिसे एफआईआर दर्ज कर खाना नंबर २ में रखा है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। डीटीपी इस समय ग्रेटर लुधियाना डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) में डीटीपी के पद पर तैनात है।
24 दिसबंर 2012
मान व ग्रेवाल की बातचीत
मामले की जांच की जा रही है। विकास को जेल भेज दिया गया है। उसके पास से कोई रिकवरी नहीं हुई है। मान के मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। किसी को बचाया नहीं जाएगा। जो दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नवीन पाल सिंह लैहल, एसएचओ मटौर
डिवीजनल टाउन प्लानर मीतइंद्र मान को लेकर पुलिस किसी प्रकार की कोई जानकारी गमाडा से मांगेंगी तो उनको दी जाएगी। मान सीधे मेरे अंडर नहीं है, बल्कि सेके्रटरी हाउसिंग पूरे काम को देखते हैं। एके सिन्हा, सीए गमाडा
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