चंडीगढ़. अपनों का साथ छूटने के बाद सीनियर सिटीजंस होम सेक्टर-15 में आसरा लेने आए बुजुर्ग पिछले कई दिनों से 16-16 घंटे सो रहे थे। इनमें से कई की आंखों के आगे अचानक अंधेरा छा रहा था और एसिडिटी की प्रॉब्लम आ रही थी। इस होम में इस समय 32 बुजुर्ग रह रहे हैं। कई बुजुर्गों को एक साथ ये दिक्कत यूं ही नहीं आई, इनके खाने में नींद की गोलियां मिलाई जा रही थीं। सब कुछ होम की रेजिडेंट मैनेजर परवेश कुमारी के इशारे पर हुआ और इसे अंजाम दिया अटेंडेंट राधा और कुक कृष्ण ने। बुजुर्गों की सेहत से इतने गंभीर खिलवाड़ का खुलासा किया होम में तैनात नर्स ने। यह भी सामने आया है कि परवेश का पति सत्यव्रत भोसले ही इस होम को चला रहा था, जिसका उसके पास अधिकार नहीं था। भोसले ने नर्स को ब्लैकमेल करने की कोशिश भी की, ताकि वह शिकायत न दे।
सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर तिलकराज ने शाम को परवेश को हटा दिया है। कुक कृष्ण और अटेंडेंट राधा का ट्रांसफर कर दिया गया है। इस होम के रेजिडेंट मैनेजर का चार्ज अब सेक्टर-24 के वर्किंग वुमन हॉस्टल की वार्डन नीतू शर्मा को दिया गया है। डिपार्टमेंट की इंक्वायरी कमेटी जांच कर रही है। टीम की प्राथमिक जांच में भी भास्कर के खुलासे की पुष्टि हुई है। जांच में साफ हुआ है कि खाने में दवा मिलाई जा रही थी। नर्स को ब्लैकमेल करने का मामला भी सामने आ रहा है।
खाना खाते ही छाया आंखों के आगे अंधेरा
सेक्टर-15 के इस होम में पहुंची भास्कर टीम को एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि कई दिनों से वह 16-16 घंटे सो रही थीं। इतनी एसिडिटी हो रही थी कि पैदल चलना मुश्किल हो गया है। खाना खाने के बाद आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। कुछ अन्य बुजुर्गों ने भी बताया कि उन्हें नींद ज्यादा आ रही है और ऐसा खाना खाने के बाद हो रहा है।
नर्स ने देखा नींद की दवा मिलाते हुए
नर्स ने कहा- 6 दिसंबर को मैं मेस गई तो देखा कुक कृष्ण चार टैबलेट (एलप्रैक्स 0.5 एमजी) को पीस कर आटे में डाल रहा था। उसने कहा अटेंडेंट राधा ने टैबलेट डालने को कहा है। राधा से पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। मैंने इसकी लिखित शिकायत डायरेक्टर तिलकराज को दी। परवेश के पति सत्यव्रत भोसले ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और कहा कि ऐसा न करने पर बदनाम कर देगा।
सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा सच
सीसीटीवी में परवेश, राधा और कृष्ण खड़े नजर आ रहे हैं। राधा अलमारी से दवा का पत्ता निकालती है, कृष्ण ये गोलियां पीसकर उस आटे में मिला रहा है, जिससे बुजुर्गों के लिए रोटी बनाई जानी है। वहीं नर्स ने बताया कि भोसले ने
मोबाइल पर दो क्लिपिंग दिखाई जिसमें मैं गाड़ी में बैठ रही थी और दूसरे में डॉक्टर के साथ पीयू में खाना खा रही थी।
पहले दी धौंस, कहा- होम सेक्रेटरी मैंने लगवाया है
सत्यव्रत भोसले होम सेक्रेटरी की ऐसे धौंस दिखा रहा था कि मानो एचएस उसके मुंशी हों। भास्कर ने सवाल किए तो भोसले ने कहा- दो मिनट में होम सेक्रेटरी यहां होंगे। भोसले ने फोन मिलाया और दो मिनट में ही कार्यकारी एसएचओ रमेश सीनियर सिटीजन होम में थे। रमेश ने कहा उन्हें होम सेक्रेटरी ने भेजा है। इसके बाद भोसले कहता रहा कि होम सेक्रेटरी अनिल कुमार को चंडीगढ़ में उसने ही लगवाया है और एक्सटेंशन भी वही दिलवा रहा है। उसकी बदौलत ही अभी अनुराग अग्रवाल का नाम नए होम सेक्रेटरी के लिए फाइनल नहीं हुआ है।
कमेटी के सामने कहा- हमें फंसाया जा रहा है
इंक्वायरी कमेटी को भोसले ने कहा कि उसकी पत्नी और उस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। पत्नी कॉन्ट्रैक्ट पर है, अब रेगुलर होने वाली थी। इसलिए साजिश रची गई है। पूरे होम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी वीडियो फुटेज से सब पता चल जाएगा कि कौन गलत है और कौन ब्लैकमेलिंग कर रहा था। मैं किसी नर्स को ब्लैकमेल क्यों करूंगा? उल्टा मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा था। नशीली दवाएं देने या न देने का मामला अटेंडेंट और कुक के बीच का है, हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
सीधी बात: तिलक राज, डायरेक्टर सोशल वेलफेयर
भास्कर - बुजुर्ग सीनियर सीटिजन होम में सहारा लेने आते थे, वहां खाने में उन्हें नींद की गोली दी जा रही है?
जवाब: मसला आज ही मेरे नोटिस में आया है, तुरंत जांच बिठा दी है।
भास्कर - जांच में क्या सामने आया है, नींद की गोली क्यों दी जा रही थी?
जवाब: प्राथमिक जांच में आया है कि होम में मौजूद कई बुजुर्गों के खाने में कुछ दवा मिलाई जाती थी, जिस पर एक्शन लिया गया है।
भास्कर - क्या एक्शन लिया है?
जवाब: हमने होम की रीजनल मैनेजर को तत्काल हटा दिया है, उसे कोई दूसरी ड्यूटी नहीं दी गई है। कुक और अटेंडेंट का तबादला किया गया है।
भास्कर- नर्स को ब्लैकमेल करने पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
जवाब: लॉ विभाग की राय मिलते ही पुलिस को मसला ट्रांसफर किया जाएगा।
एचएस बोले- मैं नहीं जानता भोसले को
वहीं होम सेक्रेटरी अनिल कुमार ने कहा कि वह सत्यव्रत भोसले को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानते। कोई भी धौंस जमाने के लिए ऐसी बयानबाजी कर सकता है।