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एक-दूसरे पर स्टिक चलाई थी, अब कहते हैं कोई शिकवा नहीं

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ . लगभग तीन माह पहले चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह व तीन अन्य लोगों के बीच झगड़े में अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।
दोनों पक्षों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर समझौते का हवाला देते हुए एफआईआर खारिज करने की मांग की है। इस पर जस्टिस जितेंद्र चौहान ने चंडीगढ़ प्रशासन को 24 मई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 16 फरवरी को मिल्खा सिंह, पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी आरएस मान, कांग्रेस विधायक रणदीप सिंह नाभा व सुखजीत सिंह लहल गोल्फ खेल रहे थे। तब इनका लेफ्टिनेंट कर्नल विजय सिंह संधू के साथ विवाद हुआ था। फिर इनके बीच मारपीट भी हुई थी।
मिल्खा सिंह, मान, नाभा और लहल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें दूसरे पक्ष से कोई शिकायत नहीं है। ऐसे में एफआईआर खारिज कर दी जाए।
चंडीगढ़ सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में 16 फरवरी को लेफ्टिनेंट कर्नल विजय सिंह संधू की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323, 506 व 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद रणदीप सिंह नाभा की शिकायत पर भी संधू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। याचिका में कहा गया कि सभी लोग यहां गोल्फ खेलते हैं। गलतफहमी के चलते पुलिस में शिकायत की गई। दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद शिकायतकर्ता भी मामले को आगे जारी नहीं रखना चाहते।
याचिका के साथ समझौते की डीड भी लगाई गई। मामूली बात पर लेफ्टिनेंट कर्नल विजय सिंह संधू का सुखजीत सिंह लहल व रणदीप सिंह नाभा के साथ झगड़ा हुआ। मारपीट में तीनों को चोटें आई थीं। दोस्तों के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और वे अब इस मामले को आगे जारी नहीं रखना चाहते। ऐसे में एफआईआर खारिज कर दी जाए।
सस्पेंड कर दिए गए थे संधू और लहल
हालांकि गोल्फ क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने इस विवाद की जांच के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद ले. कर्नल विजय संधू और क्लब के पूर्व ऑनरेरी कैप्टन सुखजीत लहल को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया था। गोल्फ क्लब के चुनाव से पहले प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार तेगवीर सिंह सीबिया के घर लहल और नाभा की मीटिंग हुई थी।
मीटिंग में संधू भी मौजूद थे, जिन्हें विवाद भुलाने को कहा गया था। नाभा ने भी इस घटना पर दुख जताया था। सीबिया ग्रुप ने इस मीटिंग के बाद एसएचओ अनोख सिंह से बातचीत कर मामले में समझौते की बात कही थी। हालांकि अनोख सिंह ने स्पष्ट कर दिया था कि समझौता अब कोर्ट में ही हो सकता है।