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जिन्दगी के लिए संघर्षः अस्पताल में निकू वार्ड में '26' ऑक्सीजन पर

7 वर्ष पहले
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पंचकूला. कालका की रेलवे कॉलोनी में 26 जनवरी की सुबह सड़क पर बिना कपड़ों के मिली एक दिन की बच्ची '26' की हालत फिलहाल गंभीर है। जनरल अस्पताल के निकू वार्ड में भर्ती '26' को डॉक्टरों ने ओपन केयर सिस्टम पर रखा हुआ है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राज कुमार ने बताया कि यह बच्ची सामान्य बच्चों की अपेक्षा कम हिलडुल रही है। उसे बचाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। सांस लेने में दिक्कत के कारण उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है। जब तक वह सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाती, तब तक उसे ऑक्सीजन पर रखा जाएगा। गौरतलब है कि कालका की रेलवे कॉलोनी में एक दिन की यह बच्ची 26 जनवरी को लावारिस मिली थी। लोगों ने उसे कालका के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। उस समय उसका शरीर काफी ठंडा पड़ चुका था। गंभीर हालत में उसे पंचकूला के जनरल अस्पताल रेफर किया गया था।
हालत ज्यादा बिगड़ी को भेजा जाएगा पीजीआई: डॉ. राज कुमार ने कहा कि अगर बच्ची की हालत ज्यादा बिगड़ी तो उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रेफर किया जाएगा। फिलहाल उसकी स्थिति कुछ हद तक कंट्रोल में है। हर शिफ्ट के बाल रोग विशेषज्ञ बच्ची की खास देखभाल कर रहे हैं। निकू वार्ड के स्टाफ को बच्ची की हर मूवमेंट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रात को उलटी में निकला खून
डॉ. राज कुमार ने बताया कि '26' को सोमवार देररात उलटी हुई थी, जिसमें उसके मुंह से खून भी निकला था। यह देखते हुए उसे एंटीबायोटिक सहित अन्य दवाएं दी गईं। अब उसकी हालत पहले से कुछ ठीक है। उसका पेट साफ करने के दौरान पेट में भी कुछ खून पाया गया, जिसे साफ कर दिया गया है, ताकि उसे इन्फेक्शन की अन्य समस्या न आए।
तीन लोगों ने जताई गोद लेने की इच्छा
कालका के एसएचओ अजय दिसौदिया ने बताया कि नवजात बच्ची के बारे में जानकारी मिलते ही शहर के तीन लोगों ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई है, लेकिन फिलहाल उन्हें मना कर दिया गया है, क्योंकि इस बारे में फैसला जिला प्रशासन को लेना है। ऐसे में लोगों को इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।