चंडीगढ़. नौ महीने केस लटकाने के बाद यूटी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सेक्टर-17 की मनोहर सिंह एंड कंपनी के संचालक तरनिंदर सिंह के खिलाफ 5 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर दलबीर सिंह बुधवार को तरनिंदर सिंह को ले आए, लेकिन देर रात तक गिरफ्तारी नहीं डाली गई। पुलिस ने कागजों में दिखाया कि इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करवाई गई है। सूत्रों की मानें तो यूटी पुलिस का एक बड़ा अफसर गिरफ्तारी रुकवाने के लिए जोर लगा रहा है।
लैंड डील में धोखाधड़ी का आरोप
सेक्टर-43 के भारतभूषण शर्मा ने मनोहर सिंह एंड कंपनी की फर्म मनोहर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन से गांव घनौड़ा की 15 हजार गज जमीन का सौदा किया था। यहां इस कंपनी ने पोलम स्प्रिंग नाम से कॉलोनी काटनी थी। सौदा जुलाई 2011 में 22 करोड़ में हुआ था, जबकि 5.17 करोड़ रुपए एडवांस दिए गए। इस बीच भारतभूषण को पता चला कि तरनिंदर की कंपनी ने सारी जमीन कॉलोनी के प्लॉट काटकर बेच दी है। जबकि तय सौदे के अनुसार उनकी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई और न ही पैसे लौटाए गए। 4.58 करोड़ चेक के जरिए कंपनी को अदा हुए थे। जिस पर भारतभूषण ने जनवरी 2014 में अपने साथ हुई धोखाधड़ी पर केस दर्ज करने की शिकायत दी। आर्थिक अपराध शाखा ने केस दर्ज करने की रिकमंडेशन भेजी। कई महीने एसएसपी सुखचैन सिंह के ऑफिस में फाइल पड़ी रही। केस दर्ज करने की सिफारिश करने के बजाय फाइल वापस आर्थिक अपराध शाखा में भेज दी गई। फिर समझौता करने का प्रेशर आने लगा। आखिरकार डीआईजी एएस चीमा के कहने पर केस दर्ज हुआ।