चंडीगढ़। मेयर चुनाव में भाजपा की हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी खत्म भी नहीं हुआ था, कि भाजपा में एक और विवाद शुरू हो गया है। वार्ड नंबर 10 के लिए होने वाले उपचुनाव में भाजपा-अकाली कैंडिडेट हरदीप सिंह बुटरेला के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह ही मैदान में उतर गए हैं। गुरप्रीत भाजपा युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और उन्हें पार्टी प्रधान संजय टंडन का बेहद करीबी माना जाता है।
हालांकि टंडन इस नजदीकी की बात से इत्तेफाक नहीं रखते। वार्ड 10 से पार्षद रहे मलकियत सिंह की मौत के बाद भाजपा-अकाली गठबंधन ने मलकियत के ही भाई हरदीप को मैदान में उतारा था। सोमवार दोपहर 1.30 बजे हरदीप ने अपना नामांकन भरा। नामांकन के दौरान टंडन मौजूद थे और अरुण सूद भी। हालांकि गुरप्रीत सिंह इससे करीब आधे घंटे पहले ही बतौर आजाद उम्मीदवार अपना नामांकन भर चुके थे।
गुरप्रीत को मना रहे हैं न लड़े चुनाव: टंडन
'गुरप्रीत ने अपनी मर्जी से नामांकन भरा है। मेरा करीबी नहीं है। गुरप्रीत को मनाने के लिए युवा माेर्चा की टीम को उनके घर भेजा है। सुबह तक सब ठीक हो जाएगा।' -संजय टंडन, अध्यक्ष
भाजपा-अकाली में दरार की शुरुआत
हरदीप के खिलाफ गुरप्रीत के मैदान में उतरने को अकाली-भाजपा गठबंधन के बीच दरार की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। पहले मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हरदीप के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
अमित राणा के लिए खेली गई गेम
भाजयुमो अध्यक्ष अमित राणा इस वार्ड से चुनाव लड़ना चाहते थे। अमित और गुरप्रीत करीबी हैं और टंडन गुट के माने जाते हैं। पिछले साल मलकियत ने एसएसपी को शिकायत दी थी कि राणा ने उनके
फेसबुक प्रोफाइल पर गलत कमेंट किए हैं।
क्रॉस वोटिंग तक के लगे थे आरोप
मेयर चुनाव में पार्टी की हार का ठीकरा टंडन के सिर फोड़ा गया था। यहां तक कि उन पर क्रॉस वोटिंग कराने के भी आरोप लगे थे और उन्हें हटाने की मांग की गई थी।
आगे की स्लाइड में पढ़ें टंडन के साथ फेसबुक पर दर्जन भर फोटो...