(जन्म से विकलांग टीचर प्रभात पूजा।)
पठानकोट। मामून के 30 साल के युवक अरनव घोष और 40 साल की प्रभात पूजा की शुक्रवार को शादी है। अरनव बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर हैं। जबकि दस साल बड़ी पूजा विकलांग हैं। उसके पोलियो के कारण पैर खराब हैं। अरनव का अपने से दस साल बड़ी विकलांग पूजा से शादी करना पूरे पठानकोट में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा इसलिए नहीं की पूजा विकलांग है। बल्कि इसलिए की अरनव पूजा का ही पढ़ाया स्टूडेंट हैं। अरनव कहते हैं कि वो तो पांचवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ चुके थे। पूजा ने उन्हें पढ़ाया और जीने का मकसद दिया। अब उनका मकसद अपनी विकलांग टीचर को नई जिंदगी देना है।
अरनव के प्यार के आगे झुकी: प्रभात पूजा
प्रभात पूजा का कहना है कि उसने यह सब सोचा नहीं था कि अरनव के साथ उसकी शादी होगी। जब 2013 मई में अरनव के परिवार वाले उसके घर रिश्ता लेकर आए तो हमने मना कर दिया था। मैं सोचती थी कि अरवन एक अच्छी पोस्ट पर है। उसे एक अच्छी लड़की मिल जाएगी, लेकिन अरनव के उसके प्रति लगाव, प्यार को देखते हुए उसके परिवार वालों ने फिर से बात की। मैं अरनव के प्यार के आगे झुक गई।
शादी के लिए हां कर दी। बता दें कि मामून में प्रभात पूजा के पिता सरदारी लाल ने बेटी के नाम पर ही प्रभात पूजा माॅडल स्कूल खोला है। उसी स्कूल में अरनव ने पढ़ाई की। आज इसी स्कूल के प्रांगण में दोनों की शादी होगी। पूजा खुद बीए, बीएड कर चुकी हैं। पूजा के पढ़ाए करीब 20-25 स्टूडेंट सरकारी नौकरी कर रहे हैं।
आज जो कुछ हूं पूजा की बदौलत: अरनव
अरनव कहते हैं वह आज जो भी हैं। वह सिर्फ प्रभात पूजा की बदौलत हैं। उसे पढ़ाकर बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर के मुकाम तक पहुंचाने में प्रभात पूजा का अहम रोल है। बताते हैं कि पांचवी के बाद सोचा नहीं था आगे पढ़ूंगा। किसी ने मैडम प्रभात पूजा के पास भेजा। मैडम की मेहनत, लगन ने मुझे पढ़ने की इंस्पीरेशन दी। आठवी व दसवी की। प्लस-टू में उसने बीएसएफ में निकली नौकरी के लिए फाॅर्म भरे।
2005 में सिलेक्ट हो गया। उसके बावजूद उसने मैडम से पढ़ना नहीं छोड़ा? मैडम की बदौलत प्लस-टू और बीए की और आज सब इंस्पेक्टर बन गया हूं। अरनव कहते हैं जब उसकी बीएसएफ में जाॅब लगी तो उसके मन में पूजा के लिए फीलिंग आई। उसने अपने परिवार के साथ बात की और फिर पूजा के घरवालों को शादी के लिए मनाया।
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