चंडीगढ़. बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर चुनाव जीतकर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनी हरसिमरत कौर बादल की चुनावी जीत को खारिज करने की मांग संबंधी याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हरसिमरत की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया कि याचिका तय समय सीमा के बाद दायर की गई है। लिहाजा खारिज की जाए। याची की तरफ से जवाब के लिए समय दिए जाने की मांग की गई। इस पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले पर 14 जनवरी के लिए अगली सुनवाई तय की है।
मुक्तसर के गांव डबवाली धाब निवासी नवजोत सिंह ने याचिका में कहा है कि भ्रष्ट साधनों का इस्तेमाल कर चुनाव जीता गया है। ऐसे में रिप्रेजेंटेंशन ऑफ पीपल एक्ट के तहत चुनाव को खारिज किया जाए। याची ने हरसिमरत पर दो टीवी चैनलों को पैसे देकर चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाया है। कहा कि हरसिमरत को बठिंडा लोक सभा क्षेत्र का मसीहा प्रोजेक्ट कर पेश किया गया। यही नहीं धर्म के नाम पर वोट मांगे गए। टीवी चैनल पर 7 अप्रैल से लेकर 28 अप्रैल तक 21 दिन लगातार चुनाव प्रचार हुआ। चुनाव प्रचार पर 105 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया गया। जो तय खर्च से कहीं ज्यादा रहा है।