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सीएचबी का फरमान-फ्लैट से नहीं हटाए वॉयलेशन तो अलाॅटमेंट रद्द

7 वर्ष पहले
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सेक्टर-40 और 41 में हाउसिंग बोर्ड के मकानों में बने एक्स्ट्रा कमरे।
चंडीगढ़. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में वाॅयलेशन न हटाई गई तो अलाॅटमेंट रद्द हो जाएगी। बोर्ड के इस फरमान से शहर में 70 प्रतिशत मकानों की अलाॅटमेंट रद्द होने की नौबत आ गई है। बोर्ड ने मकानों में वाॅयलेशन पर अलाॅटमेंट रद्द करने के नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। अभी तक इन्फोर्समेंट विंग 500 अल़ॉटीज को नोटिस भी भेज चुका है। बोर्ड की इस कार्रवाई से हाउसिंग बोर्ड के 50 हजार मकानों में से 32 हजार मकानों में रहने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इन्होंने मकानों में जरूरत के अनुसार निर्माण किए हुए हैं। बोर्ड की नजर में यह वाॅयलेशन है।
बोर्ड के ज्यादातर मकान 70 और 90 के दशक के हैं। इन मकानों में किए गए अतिरिक्त निर्माण भी कई साल पुराने हैं। हाउसिंग बोर्ड के अलाॅटी लंबे समय से नीड बेस्ड चेंजेस को रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बोर्ड अभी तक इसको लेकर कोई परमानेंट पाॅलिसी नहीं बना सका।
कई जगह ऐसी कंस्ट्रक्शन जिसे हटाया नहीं जा सकता
जिन वाॅयलेशन को हटाने की बात हाउसिंग बोर्ड कर रहा है उसमें से ज्यादातर अब हटाई ही नहीं जा सकती। ज्यादातर मामलों में ग्राउंड फ्लोर पर हुए अतिरिक्त निर्माण के ऊपर ही पहली और दूसरी मंजिल पर रहने वालों ने कमरे बनाए हैं। हाउसिंग बोर्ड के ज्यादातर फ्लैट्स सेक्टर-38, 39, 40, 41, 44, 45, 46, 47, 29, मनीमाजरा, मौलीजागरां, सेक्टर-26 में हैं।

सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं, अपने एरिया में कंस्ट्रक्शन
हाउसिंग बोर्ड के ईडब्ल्यूएस और एलआईजी मकानों में ही लोगों ने सबसे ज्यादा अतिरिक्त निर्माण किया है। यह मकान एक और दो कमरे के हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया, बल्कि अपने मकान के एरिया में ही अतिरिक्त निर्माण किया है। किसी ने अपने बरामदे को कवर कर लिया है तो किसी ने ग्राउंड फ्लोर पर बने गैराज के ऊपर निर्माण किया है। बोर्ड की नजर में सब वॉयलेशन है।
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