पंचकूला. "नो कस्ट्रक्शन एंड नो प्रोडक्शन विद इन टाइम'। यानी हुडा के रूल्स के हिसाब से न तो प्लॉट में कंस्ट्रक्शन की और न ही प्रोडक्शन। इसलिए शनिवार को हुडा इस्टेट ऑफिस की टीम ने एक प्लॉट को सील कर दिया। इस्टेट ऑफिस की सर्वे विंग ने मालिक को बुलाकर इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो के प्लॉट नंबर 306 पर कब्जा ले लिया। इस प्लॉट की बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। हुडा इस प्लॉट को सील करने के लिए पिछले 10 सालों से नोटिस पे नोटिस दिए जा रहा था।
बता दें कि हुडा की सर्वे विंग को इस्टेट ऑफिस की ओर हर साल एक बार इंडस्ट्रियल एरिया में सर्वे करने के आदेश जारी होते हैं। इन आदेशों के बाद ही सभी प्लॉटों की कमियों के आधार पर इडस्ट्रियलिस्ट को नोटिस दिए जाते हैं। इस प्लॉट के मालिक नरेश नैय्यर को भी नोटिस दिए जाने के बाद इस प्लॉट को सील कर हुडा ने कब्जा ले लिया।
हुडा की ओर से बार-बार दिया गया नोटिस
हुडा 10 सालों से बार-बार प्लॉट मालिक नरेश नैय्यर के नाम पर नोटिस दे रहा था। इसके बाद उसकी ओर नियमों का पालन नहीं किया गया। नैय्यर ने सही समय में कंस्ट्रक्शन शुरू नहीं की। उसके बाद जो कंस्ट्रक्शन की वो इलीगल थी। उसके बाद प्रोडक्शन भी शुरू नहीं की। इसके चलते उसे पहले हुडा एक्ट 17/3 और फिर 17/4 के तहत नोटिस दिया गया। इसके बाद भी जब सही जवाब नहीं आया तो प्लॉट को रिज्यूम करने के आदेश दे दिए गए। प्लॉट मालिक ने इस्टेट ऑफिसर को अपील की, जो खारिज हो गई। इसके बाद हुडा एडमिनस्ट्रेटर, चीफ एडमिनस्ट्रेटर के पास से भी अपील के कैसिंल होने के बाद अब हुडा के फाइनेंशियल कमिशनर के पास अपील की लेकिन यहां भी अर्जी कैंसिल हो गई।
ये हैं नियम
हुडा के नियमों के अनुसार िवद इन टाइम कंस्ट्रक्शन एंड प्रोडक्शन करनी होती है। प्लॉट को अलॉट करने से पहले इंडस्ट्रियलिस्ट का इंटरव्यू भी लिया जाता है। उसके आधार पर ही प्लॉट अलॉट किया जाता है। नियमों के अनुसार प्लॉट अलॉटमेंट के बाद 2 साल के अंदर उसे बनाना होता है। उसके लिए नक्शा पास करवाना होता है। प्रोडक्शन शु़रू करनी होती है। ऐसा न करने पर हुडा अंडर सेक्शन 18 (1)(बी) हुडा एक्ट 1977 के तहत कार्रवाई की जाती है।
हुडा ने दोबारा शुरू किया सर्वे
अब दोबारा से पूरे इंडस्ट्रियल एरिया का सर्वे शुरू किया है। इसमें उन प्लॉटों पर कार्रवाई होगी, जिन्होंने इलीगल कंस्ट्रक्शन की है। इसके अलावा ओक्यूपेशन सर्टीफिकेट भी नहीं लिया है। शनिवार को प्लॉट को सील करने के लिए सर्वे ब्रांच के इंचार्ज एसडीओ विमल दीप और जेई राजबीर और इनफोर्समेंट विंग के अधिकारी मौजूद थे। मौके पर मौजूद अफसरों ने कहा कि इंडस्ट्रियलिस्ट्स नियमों के अनुसार सही समय पर प्लॉट में कंस्ट्रक्शन करें। सही जानकारी लेने के लिए हुडा इस्टेट ऑफिस ने अपने जेई और एसडीओ को जानकारी उपल्ब्ध करवाने के लिए आदेश जारी किए हुए हैं।
शनिवार को हुडा की टीम ने प्लॉट नंबर 306 पर कब्जा ले लिया।