पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Husband's Killers Punished After Six Years Struggle

पति के कातिलों की चुनौती ने दी लड़ने की इच्छा शक्ति, छह साल बाद मिली कामयाबी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फोटो- अपने दोनों बच्चों के साथ साेनिया गोयल)
(सोनिया ने कहा था- जज साहब मेरा पेपर है, टाइम एडजस्ट कर लें)
चंडीगढ़. नवरात्र के नौ दिन। मां को समर्पित व्रत, त्योहार और उत्सव समय। ये समय है अपनी आंतरिक ऊर्जा को जगाने और क्षमताओं को पहचानने का। हम मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा करते हैं। देवी की ये शक्तियां आशीर्वाद रूप में हम सबको मिलती हैं। इन नौ दिनों में हम आपको ऐसे लोगों से मिलाएंगे जिन्होंने शक्ति को पहचाना और मिसाल बन गए।
महज 30 साल की उम्र में साेनिया गोयल से उनका पति छीन लिया गया। सोनिया ने पति के कातिलों का सजा दिलाने के लिए ऐसी दृढ़ इच्छा शक्ति रखी कि हत्यारों की धमकियां और घर की मजबूरियां हौसला नहीं तोड़ सकीं। छह साल के संघर्ष के बाद सीए राजेश गोयल के कातिलों कण्व अरोड़ा, इश्विंदर सिंह, शिव कुमार और काॅन्ट्रैक्ट किलर मनदीप सिंह को सजा दिलाने में सोनिया कामयाब रहीं।
अब वे अपने दोनों बच्चों व पिता के साथ मोहाली में रहती हैं। पति के हत्यारों को सजा दिलाने और अपने बच्चों को संभालने में जुटीं सोनिया ने जज से कह दिया था कि मेरा पेपर है, प्लीज टाइम एडजस्ट करें। सिर्फ 20 साल की उम्र में शादी और 23 की उम्र तक दो बच्चों की मां बन चुकीं सोनिया अपने छोटे से संसार में बेहद खुश थीं।
22 मई 2007 की शाम इस परिवार की खुशियां छीन ली गईं। उस शाम 6.15 बजे पति ने फोन पर कहा कि तुम मैंगो शेक बनाकर रख लेना, मैं सब्जी-फ्रूट लेकर आ रहा हूं। करीब आधे घंटे बाद उनकी दुनिया उजड़ने का मैसेज आ गया। सोनिया के पति राजेश का कत्ल कर दिया गया था। कुछ ही घंटों में हत्यारे पकड़े गए। लेकिन उन्हें सजा दिलाना सोनिया के लिए आसान नहीं था।
एक तरफ बच्चों की जिम्मेदारी थी, दूसरी तरफ धमकियां। थर्ड में पढ़ रहे बेटे और यूकेजी में पढ़ रही बेटी को छोड़कर सोनिया अदालत जातीं। सोनिया बताती हैं- कातिल मुझे देखकर हंसते थे, धमकी देते थे कि तेरा भी यही हाल करेंगे। उनकी ये ललकार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी। कुछ दिन तक पुलिस प्रोटेक्शन ली, लेकिन बाद में सोच लिया कि खोने को अब कुछ नहीं बचा। आर या पार। जिन लोगों ने उनके बेकसूर पति को मार दिया उनको सजा दिलाना जरूरी है। ये टाइम टॉर्चर से कम नहीं टाइम था।
दृढ़ इच्छाशक्ति और संपूर्ण समर्पण, मां शैलपुत्री के ये गुण सोनिया गोयल के संघर्ष में दिखते हैं। पति के कातिलों को सजा दिलाने के लिए सोनिया ने छह साल लड़ाई लड़ी। एक तरफ छोटे बच्चों का जिम्मा था, पैसे की तंगी थी तो दूसरी तरफ धमकियां भी।
आगे की स्लाइड में देखें तस्वीर