चंडीगढ़। दसवीं पास करते ही माता-पिता ने शादी कर दी। लेकिन वो पढ़ना चाहती थीं। शगुन में मायके से मिले रुपए इकट्ठे करके दोबारा पढ़ाई शुरू की। पति का भी साथ मिला। डिप्लोमा इन जर्नलिज्म और एमबीए तक किया। वो दबी सी लड़की सुनीता धारीवाल मजबूत समाज सेविका बनीं। उनका मिशन अब वुमंस टीवी के जरिये देश-दुनिया की महिलाओं को एक ऑनलाइन मंच देना है। धारीवाल ने करीब 20 साल हरियाणा में महिलाओं का स्तर सुधारने में लगाए। अब यू-ट्यूब चैनल के जरिए महिलाओं को उनकी सेहत और उनके लिए बने कानूनों की जानकारी दे रही हैं। इन दिनों नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट्स में दौरा करके वे वुमंस टीवी इंडिया के लिए टीम तैयार कर रही हैं।
हरियाणा के पारंपरिक परिवार की सुनीता का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। उनको नाचने-गाने का शौक था। पति ऑफिस जाते तो आस-पड़ोस के बच्चों को स्कूलों के फंक्शन के लिए तैयारी करातीं। यहीं से नेशनल घूमर एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड कल्चर की स्थापना हुई। 2002 तक करीब 250 परफॉर्मेंस दीं। इस एकेडमी ने उन्हें कांग्रेस के कल्चरल सेल का प्रेसिडेंट बनाया तो हरियाणा की महिलाओं को मिलने का मौका मिला। वहां देखा कि औरतों की जिंदगी कितनी मुश्किल हो सकती है। उनकी स्थिति सुधारने की कोशिश के साथ समाज सेवा का सफर शुरू हुआ तो ससुरालवालों ने थोड़ा विरोध किया, लेकिन पति ने साथ दिया। फिर सुनीता पूरी तरह समाज सेवा को समर्पित हो गईं।