चंडीगढ़. यूपी, राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों के उपचुनावों में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन को पार्टी मोदी मैजिक से जोड़ नहीं देख रही।
पार्टी के थिंक टैंकों का मानना है कि उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाता है। इसलिए मोदी सरकार के 100 दिनों का इन नतीजों से कोई लेना-देना नहीं है। हरियाणा के संदर्भ में चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी यहां अपनी रणनीति में कोई बदलाव नहीं लाने जा रही। दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश का मतदाता भाजपा में यकीन कर रहा है।
सीधी बात-कैलाश विजयवर्गीय,चुनाव प्रभारी, भाजपा
सवाल: उपचुनावों के नतीजे क्या भाजपा सरकार के 100 दिनों पर जनादेश है ?
जवाब: नहीं, इस उपचुनाव में कहीं भी केंद्र की उपलब्धियां विषय नहीं थीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ा गया।
सवाल: तो क्या हरियाणा विधानसभा के चुनावों पर भी इसका असर पड़ेगा, जहां स्थानीय मुद्दों पर ही चुनाव लड़ा जाएगा?
जवाब: यहां उपचुनाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। पहली बात तो यहां आम चुनाव है। दूसरा यहां की जनता भय और भ्रष्टाचार के माहौल से तंग आ चुकी है। ऐसे में गुड गवर्नेंस के नाम पर भाजपा को वोट मिलेगा।
सवाल: क्या हरियाणा में पार्टी अब मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ेगी या रणनीति बदली जाएगी?
जवाब: यहां का मतदाता जागरूक है। पार्टी अपने बूते चुनाव लड़ रही है।
नरेंद्र मोदी का चेहरा ही प्रमुख रहेगा।
सवाल: प्रदेश में भाजपा का सत्ता का सपना कैसे पूरा होगा?
जवाब: भाजपा देश में भी पहले कभी इतनी मजबूत नहीं थी, लेकिन स्पष्ट बहुमत मिला। प्रदेश में भी ऐसा ही होने वाला है।