चंडीगढ़. आईटी डिपार्टमेंट ने आईटी पार्क में खाली पड़ी जमीन कंपनियों को अलाॅट करने की मांग की है। डिपार्टमेंट ने प्रशासन को कहा है कि कई आईटी कंपनियां निवेश की इच्छुक हैं। इसलिए प्रशासन को आईटी पार्क के फेज-2 में खाली पड़ी 38 एकड़ जमीन कंपनियों को अलाॅट करनी चाहिए। आईटी डिपार्टमेंट के पास कई कंपनियों की तरफ से जमीन अलाॅट करने की मांग आ रही है। आईटी पार्क का फेज-3 रद्द होने के बाद प्रशासन के पास केवल फेज-2 को डेवलप करने का आॅप्शन बचा है।
सीआईआई ने भी की मांग
सीआईआई ने भी आईटी पार्क फेज-2 में कंपनियों को जमीन अलाॅट करने की मांग की है। इसके अलावा हरियाणा सरकार का आईटी डिपार्टमेंट हारट्राॅन भी आईटी पार्क में जगह मांग रहा है। जमीन चाहने वाली अन्य आईटी कंपनियों में एल्ट्रीएस्ट टेक्नाेलाॅजी, स्टेलर डाटा, नैनो वेब टेक्नाेलाॅजी , क्रीडेनलिया और स्पाइनल आदि प्रमुख हैं। फेज-2 में प्रशासन के पास 38 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। प्रशासन इस जमीन को कम से कम एक दर्जन आईटी कंपनियों को अलाॅट कर सकता है।
पांच हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
प्रशासन यदि आईटी पार्क की 38 एकड़ जमीन एक दर्जन आईटी कंपनियों को अलाॅट कर देता है तो इससे करीब 5 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। शहर में आईटी की रफ्तार पर लंबे समय से ब्रेक लगी हुई है। इंफोसिस जैसी कंपनी भी चंडीगढ़ में एडिशनल एफएआर न मिलने पर मोहाली की तरफ रुख कर चुकी है।