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जामा मस्जिद का बिजली बिल विवाद: अब सीएम दरबार में होगा फैसला

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली.दिल्ली वक्फ बोर्ड जामा मस्जिद के बकाया बिजली बिल का भुगतान करने पर राजी हो गया है। लेकिन उसे 4.16 करोड़ का बिल अधिक लग रहा है इसलिए इसके सेटलमेंट के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक बैठक होगी जिसमें बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस के अधिकारी भी बुलाए जाएंगे।
लंबे समय से बिल के भुगतान को लेकर जामा मस्जिद के प्रबंधक इमाम अहमद बुखारी व मस्जिद संपत्ति मालिक वक्फ बोर्ड के बीच विवाद चल रहा था। बोर्ड का कहना था कि भुगतान मस्जिद प्रबंधक बुखारी को करना चाहिए क्योंकि मस्जिद पर उन्हीं का कब्जा है जबकि इमाम का कहना है कि जब मस्जिद की मिल्कियत वक्फ बोर्ड के पास है तो बिल का भुगतान वही करे। बता दें कि बीते कई सालों से मस्जिद का बिल जमा नहीं किया गया और बढ़ते-बढ़ते यह 4.16 करोड़ रुपए पहुंच गया है।
इमाम बुखारी ने भास्कर से बातचीत में कहा कि यदि वक्फ बोर्ड मस्जिद की मिल्कियत हमारे नाम ट्रांसफर कर दे तो हम बिजली का बिल भी जमा कर देंगे। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मतीन अहमद ने कहा कि मस्जिद पर बुखारी का कब्जा है, इसलिए बिल असल में तो उन्हें ही भरना चाहिए।
हमने मुख्यमंत्री से इस बारे में एक बैठक बुलाने का आग्रह किया है ताकि बिल का उचित सेटलमेंट किया जाए और किश्तें बांध दी जाए ताकि हम उसका भुगतान कर सकें।उधर, मस्जिद को आपूर्ति देने वाली कंपनी बीएसईएस का कहना है कि मस्जिद परिसर में ही एक सब-स्टेशन भी है, उसकी कई वर्षो से सर्विसिंग भी नहीं हुई है, बिजली खपत का बिल भरना तो दूर कर्मियों को काम के लिए भी सब-स्टेशन तक नहीं जाने दिया जाता। बिल भुगतान के लिए भी कई बार नोटिस दिया पर न ही मस्जिद प्रबंधन और न ही वक्फ बोर्ड ने उन्हें कोई जवाब दिया है।
सर्विसिंग के न होने के चलते यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है और बिजली ठप हो सकती है। कंपनी ने कई बार सब-स्टेशन को बाहर करने के लिए भी अनुरोध किया पर अनुमति नहीं दी गई।