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कॉल रिकॉर्ड जला, नहीं पता कौन करता था ज्योति को फोन: पुलिस

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. ज्योति के कत्ल की जांच में पंचकूला पुलिस ने घोर लापरवाही बरती। जो चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई उसमें कई लूपहोल्स थे। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ज्योति और आरोपियों के कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन साबित ही नहीं कर पाई। दरअसल इसमें बड़ा खेल खेला गया। पुलिस ने कहा कि कॉल डिटेल के रिकॉर्ड कंपनी में लगी आग में जल गए।

ज्योति के कत्ल से पहले और कत्ल की रात भी उसके मोबाइल पर बार-बार एक नंबर (9872550737) से फोन आए और गए। पुलिस पता नहीं लगा सकी कि फोन किसका था और कौन चला रहा था। असलियत में मोबाइल फोन नंबर बठिंडा की तहसील तलवंडी साबो के बहादुर सिंह के नाम पर रजिस्टर है। यह नंबर बहादुर की जाली आईडी पर खरीदा गया था। चार्जशीट में पंचकूला पुलिस ने साइबर सेल के कम्प्यूटर ऑपरेटर गुरपिंद्र के बयान दर्ज किए। इसमें कहा गया कि कॉल डिटेल्स चाहिए। यह डिटेल्स नहीं मिलीं, क्योंकि पुलिस ने कंपनी के हवाले से कहा कि आग में रिकॉर्ड जल गया है। गुरपिंद्र ने कोर्ट में भी यही बयान दिए। चार्जशीट में इसका जिक्र नहीं है कि कंपनी ने आग की बात कही।
रिकॉर्ड तो रिकवर हो सकता था
मोबाइल कॉल डिटेल का रिकॉर्ड किसी फाइल में नहीं होता, जो जल जाए तो रिकवर नहीं हो सकता। कम्प्यूटर जलने पर भी रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय नहीं होता, उसे दोबारा निकाला जा सकता है। हर कंपनी के पास मोबाइल रिकॉर्ड उनके डाटा बेस में कैद होता है, कॉल डिटेल तक सब ऑनलाइन होती है। ये कंपनी के किसी भी मास्टर कम्प्यूटर और सर्वर रूम से निकाली जा सकती है। इसलिए कोर्ट में पुलिस के यह बयान संदेह पैदा करते हैं।
चार्जशीट में सतपाल के नाम का जिक्र तक नहीं
हैरत है कि पुलिस ने पूरी चार्जशीट में रामकुमार चौधरी के उस ड्राइवर सतपाल के नाम का जिक्र तक नहीं किया, जिस पर बाकी आरोपियों ने सारे आरोप जड़ दिए थे। जमानत हासिल करने के दौरान चौधरी ने जो याचिका दायर की थी, उसमें कहा था कि सतपाल ही ज्योति को जानता था। ज्योति से मोबाइल पर बात सतपाल की ही होती थी और मोबाइल भी सतपाल के पास ही रहता था। पुलिस ने सतपाल के वारंट हासिल किए थे, लेकिन केस का नतीजा आने के बाद भी पुलिस उसे तलाश न पाई। इस केस में सतपाल का क्या रोल था और यह कोर्ट से क्यों छिपाया गया, इसमें भी पुलिस की जांच पर संदेह पैदा होता है। पूरे केस में सतपाल एक अहम गवाह होता जो आरोपियों और ज्योति के लिंक को उजागर कर सकता था।