एनजीओ कोशिश ने शुक्रवार को डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 के स्टूडेंट्स के साथ प्रोटेस्ट किया।
चंडीगढ़. ज्योति मर्डर केस में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद अब पंचकूला पुलिस हाईकोर्ट में अपील दायर करने जा रही है। पुलिस का तर्क है कि चार्जशीट में ऐसे कई सबूत और तथ्य हैं, जिनके आधार पर आरोपियों को सजा मिल सकती है। पिछले दिनों पंचकूला की ट्रायल कोर्ट ने
ज्योति मर्डर केस में दून हलके के विधायक रामकुमार चौधरी समते सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
शुक्रवार को पंचकूला पुलिस हेडक्वार्टर में दो घंटे तक डीसीपी राहुल शर्मा, एसीपी धर्मवीर और डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के बीच इस केस की जजमेंट पर मीटिंग हुई। डीसीपी राहुल शर्मा के मुताबिक अपील दायर करने के लिए उन बारीकियों को सामने लाया जा रहा है, जिनके दम पर हाईकोर्ट में अपील दायर की जा सकती है। वहीं डीए एपीएस परमार और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मनोज वशिष्ठ ने भी डीसीपी को सौंपी रिपोर्ट में हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।
डीसीपी पंचकूला राहुल शर्मा के मुताबिक इन सबूतों के आधार पर हाईकोर्ट में दायर होगी अपील
- डिफेंस का एक गवाह आया, कहा कि फोन उसका है और उसे मान लिया गया।
- हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिका में चौधरी कह चुका था कि शायद ज्योति की बहन इशू की शादी में वह गया हो। ज्योति के अकाउंट में बद्दी से पैसा डाला जाता रहा। पुलिस के मुताबिक रामकुमार चौधरी और ज्योति के आपसी जान-पहचान इस्टैब्लिश करने के लिए ये पॉइंट काफी हैं।
- जब चौधरी फरार चल रहा था तो पुलिस ने उसकी पत्नी निधि का फोन सर्विलांस पर ले रखा था। 10 और 11 दिसंबर को निधि ने इस
मोबाइल से 9872550737 पर अपने मामा सुरजीत सिंह को कॉल की। कहा गया कि ज्योति के पिता बूटीराम को पैसे देकर मना लें। इस रिकॉर्डिंग को बतौर सबूत चार्जशीट में लगाया गया। यह इसलिए अहम है क्योंकि अगर कोई क्राइम में शामिल ही नहीं है, तो वह शिकायतकर्ता को क्यों खरीदेगा?
- चौधरी के भाई हरभजन का फोन भी सर्विलांस पर था। ज्योति के कत्ल के 5 दिन बाद ही हरभजन ने अपने मोबाइल फोन से चंडीगढ़ के सेक्टर-21 के कृष्ण जोशी को फोन किया और कहा कि वह किसी भी तरह पंचकूला पुलिस को चौधरी को बचाने के लिए तैयार करे।
- ज्योति और चौधरी की टावर लोकेशन 7 अगस्त 2012 को एक साथ चंडीगढ़ सेक्टर-20 के नर्सिंग होम में थी। इसी दिन ज्योति का अबॉर्शन करवाया गया।
- अबॉर्शन फॉर्म में चौधरी की हैंडराइटिंग को प्राथमिक तौर पर रिपोर्ट में सही मानना।
- वारदात के समय ट्रक का मौके पर ही पाया जाना।
- ज्योति के पिता और बहन इशू के बयान। इशू का कहना कि ज्योति उसे अपने और चौधरी के संबंध के बारे में बताती रहती थी।
- कोर्ट ने जजमेंट में कहा कि यह पता नहीं चला कि ज्योति को मारकर मौके पर फेंका गया या नहीं। पुलिस के मुताबिक ज्योति की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट साफ साबित कर रही है कि उसके शरीर में जो 11 इंजरी आई, वह कत्ल करने से पहले की हैं।
- एएसआई मांगे राम के बयान कि कत्ल की रात परमजीत और गुरमीत कार में पंचकूला में मौजूद थे। कोर्ट में मांगेराम ने दोनों को पहचाना।
- ज्योति के मोबाइल फोन और चौधरी के ऑफिशियल फोन नंबर की लोकेशन कत्ल की रात एक साथ एयरपोर्ट चौक, हल्लोमाजरा चौक पर होना।
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