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ज्योति को इंसाफ दिलाने के लिए 'कोशिश' एनजीओ ने उठाई आवाज

7 वर्ष पहले
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(ज्योति को न्याय न मिलने के खिलाफ एनजीओ कोशिश के सदस्यों ने प्रेसिडेंट रंजना शाही की अगुआई में वीरवार को सेक्टर-17 प्लाजा में प्रदर्शन किया।)
चंडीगढ़. एनजीओ 'कोशिश' ने ज्योति मर्डर केस में न्याय के लिए आवाज उठाई है। ज्योति को न्याय न मिलने के खिलाफ एनजीओ ने सेक्टर-17 प्लाजा में प्रदर्शन किया। एनजीओ की प्रेसिडेंट रंजना शाही की अगुआई में किए गए इस प्रदर्शन में एडवोकेट फैरी सोफत और डीएवी-10 कॉलेज के स्टूडेंट शामिल हुए। रंजना शाही ने कहा कि ज्योति के कत्ल में आरोपियों के छूटने से आम पब्लिक हैरान है, पुलिस और ज्युडिशियरी से उनका भरोसा हटा है।

ज्योति का शारीरिक उत्पीड़न हुआ, कत्ल हुआ और अब आरोपी छूट गए। एनजीओ ने कहा कि जब तक ज्योति को इंसाफ नहीं मिलता, वे आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि इस केस को कमजोर करने वाले पुलिस अफसरों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो एनजीओ सड़कों पर उतरेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि पुलिस की चार्जशीट इतनी कमजोर भी नहीं थी कि कोर्ट ने किसी एक पहलू को भी कंसीडर तक नहीं किया।
कोर्ट में हाथ पर बयान लिखकर आ गया एएसआई
ज्योति मर्डर केस में 22 अगस्त 2013 को क्राइमब्रांच के एएसआई दर्शन सिंह के बयान दर्ज किए गए। दर्शन ही मोबाइल फोन नंबर 09816464060 का पता लगाने कुल्लू गया था। आरोप था कि कत्ल के वक्त यह फोन नंबर राम कुमार चौधरी यूज कर रहा था, जबकि यह नंबर कुल्लू के सुरेश कुमार के नाम रजिस्टर था। सुरेश ने दर्शन को बयान दिए थे कि उसके कागजों का गलत इस्तेमाल कर नंबर हासिल किया गया।
कोर्ट में यही साबित करने के लिए उसके बयान होने थे। बयान फेक साबित करने के लिए एएसआई सारे बयान हाथ पर लिखकर ले आया और आसानी से डिफेंस के वकीलों द्वारा पकड़ा भी गया। क्रॉस एग्जामिनेशन में एएसआई यह कबूल करते जरा भी हिचकिचाया नहीं कि कोर्ट में जो बयान उसे देना है, उसे वह हाथ पर लिखकर लाया। उसके इस व्यवहार से साफ था कि उसने केस में जानबूझकर प्रोफेशनल मिसकंडक्ट किया।
आगे की स्लाइड्स में देखें ज्योति की तस्वीर