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डाउनलोड करेंमोहाली. निहंग भूपिंदर ङ्क्षसह 19 जनवरी से घर से लापता था। घरवालों ने 21 जनवरी को बलौंगी थाने में किडनैपिंग की शिकायत दी थी। 23 जनवरी को पुलिस ने गुमशुदगी की डीडीआर तो दर्ज की, लेकिन मामले में लापरवाही बरती। भूपिंदर को तलाशने के बजाय एसएचओ कुलबीर सिंह और एसआई गुरनाम सिंह यहीं कहते रहे कि कहीं घूमने गया होगा, एक-दो दिन में आ जाएगा। बुधवार सुबह भूपिंदर का शव खरड़-बनूड हाईवे स्थित गांव टंगोरी में सड़क किनारे बरसाती पानी में मिला। पुलिस ने शव सिविल अस्पताल फेज-6 की मॉर्चरी में रखवा दिया है।
इन पर जताया था शक: पुलिस को भूपिंदर के बेटे गुरजंट ने शिकायत देते समय बताया था कि उनके पिता की किडनैपिंग के पीछे खरड़ के पवन कुमार, उसके पिता के एक साथी निहंग इकबाल सिंह व सेक्टर 30 सुरिंदर सिंह सिंह का हाथ हो सकता है। गुरजंट ने बताया था कि कुछ दिन पहले उनके पिता का पवन के साथ झगड़ा हुआ था।
बहन और बेटे को कहा अस्तपाल के मुर्दाघर में देखो जाकर-पुलिस के कहने पर भूपिंदर की बहन सुरिंदर कौर व बेटा गुरजंट पुलिस भूपिंदर सिंह को तलाशने पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, डेराबस्सी, खरड़ सिविल अस्पताल, मोहाली सिविल अस्पताल व बनूड़ के अस्पताल व मॉर्चरी में तलाश करने गए। जब नहीं पता चला तो बुधवार सुबह भूपिंदर सिंह के मोबाइल की अंतिम लोकेशन वाले स्थान गांव गीगा माजरा में जाना था। सुबह ही बलौंगी थाना से एसआई गुरनाम सिंह का शव मिलने के बारे फोन आ गया।
आरोपियों को बचाने में जुटे एसएचओ: जब गुरजंट, उसकी मां व उसके रिश्तेदार थाने में बयान देने गए तो एसएचओ कुलबीर सिंह ने गुरजंट को अकेले बुलाकर कहा कि बेटा तूं हजे यह लिखवा दे कि तेरे पिता की मौत हो गई हैं। बाकी पोस्टमार्टम ते बाद जिदे ते तैनूं शक है तूं लिखवा दई। इस बात पर भी गुरंजट नहीं माना तो पुलिस अपनी लिखा पड़ी में जुट गई और टाल-मटोल करते हुए शाम तक पोस्टमॉर्टम ही नहीं करवाया।
पुलिस की लापरवाही
॥एसएचओ कुलबीर सिंह तो कह रहा था कि निहंग नशेडी था और इस कारण उसकी मौत हुई। घरवाले कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते।
-इंद्रमोहन सिंह,एसएसपी मोहाली
॥निहंग के बेटे ने बताई एसएसपी को सच्चाई: निहंग के बेटे ने एसएचओ द्वारा एसएसपी को गुमराह करने की बात पर एसएसपी को कॉल कर सारी बात बताई तो एसएसपी इंद्रमोहन सिंह ने गुरंजट को यह आश्वासन दिया कि पुत्तर जो कार्रवाई है ओ ही होएगी, तैनूं जिनते शक है तूं अपने बयाना विच उनदे नाम लिखवा।
मर्डर की ओर इशारा
ञ्चजितने पानी में शव मिला, वहां पर कोई भी डूब कर नहीं मर सकता।
ञ्चलूटपाट नहीं हैं क्योंकि स्वीच ऑफ मोबाइल फोन, आधार कार्ड, लाइसेंस, गैस सिलेंडर की कॉपी, कड़ा व पूरे कपड़े मिले शव से।
ञ्चशव ३/४ दिन पुराना लग रहा है। शव से बदबू आ रही थी।
ञ्च19 जनवरी की शाम को ही टंगोरी गांव के युवक दीपू ने निहंग को गांव के बस स्टैंड पर देखा था।
ञ्चउसी दिन निहंग की मौत होती तो शव पूरी तरह से गल चुका होता।
ञ्चदोपहर १.३० से शाम ७.१० तक फोन बंद होने तक की लाकेशन
ञ्च१९ जनवरी की शाम 7 बजकर 10 मिनट पर फोन स्वीच ऑफ, अंतिम लोकेशन गीगा माजरा के पास (इस गांव से करीब दो किलो मीटर आगे ही खरड़ बनूड हाई-वे पर सड़क किनारे खड़े पानी में शव मिला)
एसएचओ कुलबीर सिंह ने पहले तो कॉल रिसीव नहीं की। फोन उठाया तो बोले-अभी कुछ नहीं है। मैं व्यस्त हूं। बाद में बात करना और फोन काट दिया।
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