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भाजपा की मांग डीसी ने ठुकराई , 5 जनवरी को चुना जाएगा मेयर

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. शहर का अगला मेयर इस बार 5 जनवरी 2015 को चुना जाएगा। मेयर के चुनाव पहले कराने की भाजपा की मांग डीसी मोहम्मद शाईन ने ठुकरा दी है। चंडीगढ़ में मेयर चुनाव 1 जनवरी को होते हैं। एक अपवाद है 2007, जब 11 जनवरी को मेयर चुना गया था। भाजपा चाहती थी कि इस बार चुनाव 22 या 23 दिसंबर को हों, क्योंकि उसके बाद क्रिसमस व न्यू ईयर वीक शुरू हो जाता है और तैयारियों का न वक्त होता है न माहौल। सांसद किरण खेर ने इसके लिए एडवाइजर केके शर्मा को लेटर भी लिखा था। एडवाइजर ने इसे डीसी को मार्क भी कर दिया था।

हालांकि डीसी शाईन ने इन सब डिमांड्स को दरकिनार करते हुए अपनी पावर दिखा दी है और चुनाव 1 जनवरी के बजाय 5 जनवरी को कर दिया है। इसी दिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर भी चुने जाएंगे। इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। डीसी के इस फैसले से अब न तो सांसद किरण खेर को कोई दिक्कत है, न ही भाजपा को। कांग्रेस तो पहले ही जल्द चुनाव के पक्ष में नहीं थी।
न शिकायतों का असर हुआ, न अफसरों के दबाव का
डीसी के खिलाफ भाजपा का मोर्चा सिर्फ मेयर चुनाव को लेकर नहीं है। भाजपा नेता डीसी को बदलने की मांग मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स तक करते रहे हैं। भाजपा पार्षद सतिंद्र सिंह ने तो डीसी के खिलाफ एडवाइजर को शपथ पत्र दिया था। इसमें डीसी की कई मामलों में भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सीबीआई जांच करवाने की मांग की थी। लेकिन मेयर चुनाव पहले न कराकर डीसी ने अपनी पावर साबित कर दी और यह भी कि बड़े अफसरों का दबाव काम नहीं आने वाला।
निगम एक्ट
आगे बढ़ा सकते हैं डेट, पहले नहीं कर सकते: छाबड़ा
कांग्रेस प्रवक्ता व पार्षद प्रदीप छाबड़ा बोले- डीसी से कहा था कि निगम एक्ट में साल से पहले मेयर चुनाव नहीं कराए जा सकते। इसे आगे जरूर बढ़ाया जा सकता है, पहले नहीं।
अर्ली इलेक्शन के लिए खेर ने लिखा था लेटर
किरण खेर ने नवंबर के अंत में एडवाइजर केके शर्मा को लेटर लिखकर मेयर चुनाव 15 से 25 दिसंबर के बीच कराने की मांग रखी थी। खेर ने तर्क दिया था कि क्रिसमस और न्यू ईयर को लेकर प्रोग्राम होते हैं। काउंसलर भी उनमें बिजी हो जाते हैं। इसलिए मेयर चुनाव की कैंपेनिंग पर असर पड़ता है।
17 पार्षदों का दबाव भी काम न आया
मेयर चुनाव पहले कराने की मांग को लेकर भाजपा दल के नेता अरुण सूद की अगुआई में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला था। 17 पार्षदों के साइन किया लेटर डीसी को सौंपा था। इसमें भाजपा पार्षद सतिंद्र सिंह को छोड़ बाकी 12 पार्षद, दो बसपा, दो मनोनीत और शिअद के एक पार्षद के साइन थे।
जश्न के लिए मेरी गद्दी की कुर्बानी गलत थी
कल्याण ने कहा- नए साल के सभी प्रोग्राम में मैं ही चीफ गेस्ट रहूंगा। बात मेयरशिप की नहीं सिद्धांतों की है। कोई दूसरा नए साल का जश्न मनाने के लिए मेरी गद्दी की कुर्बानी ले ये गलत है। अगर किसी के लिए पार्टियां अटेंड करना ज्यादा जरूरी था, तो वह अपना वोट न डालता।