चंडीगढ़. डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने राज्य में लगने वाली नई इंडस्ट्री के साथ-साथ पुराने उन इंडस्ट्री को भी रियायतें देने का एलान किया है जो अपना विस्तार करेंगे। यह बात सुखबीर ने इंडस्ट्रियालिस्ट्स के साथ हुए ओपन हाउस सेशन में कही। सुखबीर ने कहा, नई इंडस्ट्री को हर तरह की क्लीयरेंस 30 दिनों में मुहैया करवाई जाएगी।
उन्होंने पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन की कारगुजारी पर तसल्ली जाहिर करते हुए इस बात पर खुशी जताई कि जो काम एक साल में हो रहा था उसे कम करके साठ दिन तक लाया जा चुका है। अब इसे तीस दिन में करने की योजना है। पुरानी इंडस्ट्री को भी रिआयतों की मांग पर उन्होंने कहा, 23 सितंबर को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में उन इंडस्ट्री यूनिटों को भी सौ फीसदी रिआयतें दी जाएंगी जो अपने यूनिटों का प्रसार करेंगी। निवेशकों द्वारा इंडस्ट्री पॉलिसी में प्रसार के लिए रिआयतें देने को शामिल न करने संबंधी जब यह मुद्दा उठाया तो सुखबीर ने कहा, जल्द ही पॉलिसी में संशोधन लाया जा रहा है। उन्होंने निवेशकों को साफ किया कि जो भी निवेश एक साल के भीतर इनिशिएट हो जाएगी उसे नए प्रोजेक्ट के रूप में ही माना जाएगा। उन्होंने फूड एंड प्रोसेसिंग में निवेश करने वाले निवेशकों को भरोसा दिलाया कि वह समय पर सब्सिडी लेने के लिए केंद्र सरकार से मामला टेकअप करेंगे।
'पीक लोड मुद्दे पर गंभीरता से किया जा रहा विचार'
कुछ इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने डिप्टी सीएम से नेशनल हाईवे अथॉरिटी, एन्वायरमेंट मिनिस्ट्री और सेंट्रल ड्रग अथॉरिटी द्वारा प्रोजेक्ट्स को पास करने में देरी का मामला उठाया। सुखबीर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह खुद संबंधित मंत्रालय के मंत्रियों से मिलेंगे। पीक लोड के मुद्दे पर जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है कि पीक लोड वर्ष में सिर्फ चार महीना माना जाए। बैठक में प्रमुख रूप से निवेश प्रमोशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी करण अवतार सिंह, सीईओ अनिरूद्ध तिवारी, डिप्टी सीएम के विशेष प्रमुख सचिव अजय महाजन, ओसवाल ग्रुप से कमल ओसवाल, सोनालिका से जे एस चौहान, यूआई एग्रो से आर.पी धालीवाल, डीजेबी इन्फ्रा से डॉ. आर के आनंद, स्र्पोट किंग से प्रवीण गुप्ता मौजूद थे।