चंडीगढ़। प्राॅपर्टी टैक्स की दरें आधी करने से होने वाले 250 करोड़ रुपए के घाटे का काफी हिस्सा सरकार ऑन लाइन लाॅटरी से पूरा करेगी। ऑन लाइन लॉटरी से सरकार को 150 करोड़ रुपए की आमदनी की उम्मीद है। इसकी मंजूरी कैबिनेट ने मंगलवार को दे दी है। बता दें कि ऑनलाइन लाॅटरी केवल तीन स्टेट सिक्किम, नागालैंड और मिजोरम सरकार में ही लागू है। इन राज्यों में 3000 सेंटर हैं। पंजाब सरकार भी इतने ही सेंटर चलाएगी।
इधर, प्राॅपर्टी टैक्स की दरें पंजाब सरकार ने आधी कर दी हैं। 2012 में जब सरकार ने प्रापर्टी टैक्स लगाया था तो सरकार ने दावा किया था कि इससे 450 करोड़ रुपए की आमदनी होगी। जो पहले हाउस टैक्स के लगे होने से 230 करोड़ रुपए के करीब ही आती थी। लेकिन राज्य भर में रोष फैलने से सरकार ने इसमें तीन बार संशोधन किया। मंगलवार को चौथी बार इन दरों को निश्चित किया गया है। इससे सरकार को मात्र 230 करोड़ रुपए की आमदनी ही होगी। लोकल बॉडी मिनिस्टर अनिल जोशी ने माना कि इससे स्थानीय निकायों की आमदनी घटेगी। कहा, जिस काम से लोगों में नाराजगी हो उसे सही करना सरकार का ही काम है।
यूएसडीसी से घर के नजदीक मिलेंगी नागरिक सुविधाएं
सरकार ने 1750 ग्रामीण व 424 शहरी यूनिफाइड सर्विस डिलीवरी केंद्र बनाने का फैसला लिया है। इससे लोगों को उनके घर के नजदीक 223 प्रकार की नागरिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेगी। शहरी क्षेत्र में आबादी के हिसाब से एक केंद्र डेढ़ से ढाई किलोमीटर के दायरे में लगेगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में एक सर्विस डिलीवरी केंद्र आठ से दस हजार की विभिन्न गांवों की आबादी के समूह को सेवा उपलब्ध करवाएगा। सभी जिलों में डिप्टी कमिश्नरों को इस कार्यक्रम को चलाने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए कैबिनेट ने जिला स्तर पर कैटल पौंड बनाए जाने की मंजूरी दे दी है।
एडिड स्कूल-कॉलेजों को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट
कैबिनेट ने पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 1911 व पंजाब म्युनिसिपल काॅरपोरेशन एक्ट 1976 में संशोधन किया है। इससे जमीन व भवनों पर लगने वाले प्राॅपर्टी टैक्स में लोगों को राहत मिली है। धार्मिक स्थलों, श्मशान घाट, कैटल पौंड, एतिहासिक भवनों, वृद्ध आश्रम, अनाथालय, म्युनिसिपलटीज के अपने भवनों, सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, काॅलेजों, सरकारी अस्पतालों, डिस्पेेंसरियों, मल्टी स्टोरी लैट की पार्किंग और कृषि व बागवानी अधीन आती जमीन को इस टैक्स से मुक्त रखा गया है।
इसके अलावा विधवाओं, विकलांगों को पांच हजार रुपए तक की छूट, स्वतंत्रता सैनानी, बीपीएल परिवारों व पूर्व सैनिकों को पूरी छूट दी गई है। सभी शैक्षणिक संस्थानों को 50 फीसद की छूट दी गई है। गैर आवासीय भवनों के सालाना किराए पर 7.5 फीसद टैक्स लगाया गया है। नई बनी नगर पंचायतेें अथवा एक अप्रैल 2014 से पहले बनी और एक अप्रैल 2014 तक तीन साल पूरे ना करने वाली और म्युनिसिपलटीज में शामिल किए गए नए क्षेत्रों को अगले तीन सालों के लिए भी टेक्स से मुक्त रखा गया है।
अवैध कॉलोनियों को रेगुलर कराने का सरकार देगी एक और मौका
जो लोग काॅलोनी, प्लाॅटों व इमारतों को रेगुलर कराने की पहली नीति का लाभ नहीं उठा सके उन्हें सरकार एक और मौका देने जा रही है। ऐसी काॅलोनियों, प्लाॅटों, इमारतों को रेगुलर करवाने के लिए एक साल के समय के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार की इस नीति का उद्देेश्य राज्य भर की गैर अधिकृत काॅलोनियों को एक स्कीम के तहत ढांचे के अधीन लाना था। इन काॅलोनियों के निवासियों को जल आपूर्ति, सीवरेज़, बिजली कुनेक्शन व सड़कों का प्रारंभिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा सहायता प्राप्त प्राइवेट काॅलेजों में विभिन्न विषयों में लेक्चरार के खाली पड़े 1925 पदों को तीन साल में भरने की मंजूरी दी गई है। पहले साल 484, दूसरे साल 484 और तीसरे साल शेष बचे 957 पद भरे जाएंगे।