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क्यों नेताओं की पहली पसंद है रेल, घूसकांड ने खोल दिया पूरा खेल!

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. रेलवे बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर संसार चंद का कहना है कि सब पैसों का खेल है, सरकारी नौकर तो कठपुतली होते हैं। जो कुछ खेल होता है, वह तो पॉलिटिशियन के हाथ पर ही होता है। पॉलिटिशियन जो चाहे करे। सरकारी कर्मचारी को नौकरी का डर सताता है, इसलिए बिना पॉलिटिशियन के वह घूसखोरी के बारे में सोच भी नहीं सकता। खेल बड़ा है, इसलिए रेल पॉलिटिशियन की पहली पसंद रहती है। यही वजह है कि रेलवे मिनिस्ट्री की मांग हर पार्टी करती है। उन्होंने कहा कि रेलवे में रिश्वतखोरी अब उजागर हुई है, जिसने किया, उसे सजा मिल रही है।
बंसल की हुई छुट्टी, अश्वनी भी गए
देश का सबसे अमीर मंत्रालय है रेलवे। इसका बोर्ड भी देश का सबसे पॉवरफुल बोर्ड हैं। रेल मंत्री के बाद यह बोर्ड ही सब कुछ करता है और रेल मंत्री तो इनकी सिफारिशों पर अपनी मोहर लगाते हैं। जानिए इसके बोर्ड मेंबर के हाथ में क्या-क्या ताकत रहती है।
प्रमोशन के बदले पैसे देने की जांच कर रही सीबीआई ने रेल मंत्री पवन बंसल के पीए राहुल भंडारी से चार घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद सीबीआई विजय सिंगला से बात करने वालों से भी पूछताछ कर रही है। पवन बंसल के आवास पर विजय सिंगला ने सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की थी।
पद नं-1: चेयरमैन रेलवे बोर्ड
पावर: ओवरऑल सुपरविजन, ऑल डिविजन।
रेलवे की सभी योजनाएं और नीतियां चेयरमैन ही पास करेगा।
सभी डिवीजन के जीएम और डिविजनल रेलवे मैनेजरों की नियुक्ति में अहम रोल
पद नं-2: मेंबर इलेक्ट्रिकल। चेयरमैन के बाद दूसरे नंबर की पॉवरफुल पोस्ट।
पावर: रेलवे में हर इलेक्ट्रिकल सामान की खरीद, टेंडर देने और अन्य कई कार्यभार।
पद नं-3: मेंबर इंजीनियरिंग
पावर: करोड़ों के टेंडर।
सभी सिविल इंजीनियरिंग के वर्क का कार्यभार।
देश के सभी रेल ट्रैक, रूट अलाइनमेंट, ब्रिज,स्टेशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की मेंटेनेंस की पावर।
पद नं-4: मेंबर मैकेनिकल
पावर: सभी रेलों में भरने वाले डीजल की खरीदारी और आवंटन की।
सभी लोकोमोटिव इंजन मेंटेनेंस और खरीदारी की।
पद नं-5: मेंबर ट्रैफिक
पावर: सभी ट्रेनों के रूट ऑपरेशन की।
नई चलने वाली ट्रेनों की सेंक्शन की।
नई ट्रेनों के इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीदारी की।
सभी ट्रेनों के टाइम टेबल में बदलाव करने की पावर।
पद नं-6: मेंबर स्टॉफ
पावर: बोर्ड की सबसे कम पावरफुल पोस्ट।
एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब का जिम्मा और पैकेजिंग यानि मालगाड़ी से सामान आने जाने संबंधित पूरी पावर।
पद नं-7: फाइनेंशियल कमिश्नर
पावर: सारे बड़े फाइनेंशियल प्रोजेक्ट किसको देने है, यह तय करना।