पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ओपन स्पेस समझकर नहीं काटते थे घास, लोगों ने बनाया ग्रीन पार्क

ओपन स्पेस समझकर नहीं काटते थे घास, लोगों ने बनाया ग्रीन पार्क

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-38 ए और बी की कोठी नंबर 1501 से 1504 के आगे के नेबरहुड पार्कों को मेंटेन कर रही है। इसमें पौधे और फूल तो लगे ही हैं, घास भी उगा दी गई है। इसकी प्रॉपर कटाई होती रहती है। पार्क में दूसरे एरिया के लोग भी घूमने आने लगे हैं। इस पार्क को पहले ओपन स्पेस समझकर एमसी घास और झाड़ियां तक नहीं काटने आती थी। इसके लिए अफसरों को सिफारिश करनी पड़ती थी। इस पार्क की आरडब्ल्यूए ने प्लानिंग मास्टर प्लान में चैक करके एमसी के पास रखी। यह कहना है सेक्टर-38 ए और बी की आरडब्ल्यूए के मैंबर्स आरसी तुली, आरएन गुप्ता, रणजीत सिंह और बीबी भसीन का।

आरडब्ल्यूए के मैंबर्स रणजीत सिंह और आरसी तुली ने बताया कि कोठी नंबर-1501 के आगे के पार्क में पहले झाड़ी, भांग और जंगली घास उगी रहती थी। जिसे कटवाने के लिए निगम और प्रशासन के अफसरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
जिस प्लाॅट को रिजर्व लैंड बताया वह थी नेबरहुड पार्क की जमीन
निगम के प्लान में नेबरहुड पार्क नहीं है। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 1974 के मास्टर प्लान में इंटरनेट से चैक किया तो ओपन स्पेस न होकर नेबरहुड पार्क चिन्हित मिला। इसके बाद प्लानिंग डिपार्टमेंट से चैक किया तो वहां भी पता चला कि जिस प्लाॅट को रिजर्व लैंड बताया जा रहा है वह नेबरहुड पार्क की जमीन है। इसकी रिपोर्ट निगम के अफसरों को दी गई। इसके बाद निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग ने उसमें खड़ी घास और झाड़यों को कटवाया। इसमें मिट्टी डलवाई गई, लेकिन ईंट और पत्थर होने के कारण घास नहीं लगाई जा रही थी। इसे रेजिडेंट्स से पैसे कलेक्ट करके तीन माली लगाकर निकलवाया गया। इसके बाद निगम से पार्क में मिट्टी डलवाई गई। इसी बीच निगम से पार्क को मेंटेन करने का एमओयू हो गया। पार्क में टर्शरी वाटर लाइन लगने से फूल और पौधे हरे भरे रहते हैं। वहीं नई उगाई घास भी हरी रहती है। अब नेबरहुड पार्क की मेंटेन के लिए एक माली रखा हुआ है।
भास्कर को बताएं अपने सेक्टर के पार्काें की प्रॉब्लम्स
नगर निगम आपके पार्कों की प्रॉब्लम्स दूर कर पा रहा है या नहीं। मेंटेनेंस के लिए एमसी क्या कर रही है। पार्कों की मेंटेनेंस के लिए आरडब्ल्यूए को पेमेंट के वक्त आपसे पूछा जा रहा है या नहीं। इससे संबंधित कोई भी शिकायत हो ताे आप भास्कर वॉट्सएप्प नंबर 8558872744 पर भेजें।