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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. पिंकी किडनैपिंग और मर्डर में पुलिस की थ्योरी पहले ही शक के दायरे में थी। अब यह और उलझ गई है। इस केस में पुलिस ने बुधवार को पलसौरा में रहने वाली महिला सुनीता उर्फ बिल्ली और एक युवक बरगद सिंह उर्फ मंगा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सुनीता ने ही पैसों के लेनदेन की रंजिश में पिंकी का कत्ल करा दिया। इन दोनों के अलावा एक थ्री-व्हीलर ड्राइवर की भी तलाश है।
जबकि सोमवार को पुलिस ने यह केस सॉल्व होने और दो आरोपियों- अनिरुद्ध और राजकुमार के गिरफ्तार होने की बात कही थी। अब पुलिस कह रही है कि अनिरुद्ध और राजकुमार भी सुनीता के ही साथी हैं। सुनीता और मंगा को डीएसपी सतबीर सिंह की अगुआई में केस की जांच कर रही एसआईटी ने गिरफ्तार किया।
किडनैपिंग के बाद 3 दिन सुनीता के साथ रही पिंकी : 26 नवंबर को पिंकी की किडनैपिंग पूरी प्लानिंग के साथ सुनीता के इशारे पर की गई। अगवा हुई 5 रातों में से पिंकी 3 रात सुनीता के साथ ही रही। 5 दिन बाद 1 दिसंबर को उसका शव बोरी में डालकर फेंक दिया गया।
ये बात कुछ हजम नहीं हुई: मंगलवार को साइबर सेल ने दावा किया था कि टावर लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने अनिरुद्ध और राजकुमार को पकड़ा। इंटेरोगेशन में दोनों ने कत्ल की वारदात को कबूला। हिरासत में दोनों की बातचीच को एक कैदी ने सुना और पुलिस को बताया?
1.अनिरुद्ध-राजकुमार का क्या रोल : पहले पकड़े गए अनिरुद्ध और राजकुमार के बारे में पुलिस का स्पष्टीकरण है कि ये दोनों भी सुनीता के साथी हैं। सुनीता ने पैसे देकर इन्हें हायर किया था।
2. सुनीता ने बच्ची का कत्ल क्यों कराया : सुनीता का पिंकी के परिवार से पैसों का लेनदेन था। इसी खुन्नस में उसने पूरी वारदात को अंजाम दिलवाया।
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