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'मन की बात': ड्रग्स का पैसा बनता है आतंक की गोली, शहीद होते हैं जवान

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर अपने तीसरे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बार नशे की लत और उसके कारोबार का मसला उठाया। उन्होंने कहा, ‘जिन पैसों से ड्रग्स खरीदी जाती है, वे पैसे कहां जाते हैं? ये पैसे आतंकवादियों के पास जाते होंगे। हथियार खरीदते होंगे। और उन्हीं हथियारों से कोई आतंकवादी मेरे देश के जवान के सीने में गोलियां दाग देता होगा।’ उन्होंने कहा कि नशा बहुत बड़ी सामाजिक समस्या है। इसे मिटाने के लिए मानसिक दृढ़ता, मेडिकल सलाह और सामाजिक जागरुकता की जरूरत है।
माता-पिता ये करें
पांच वर्ष लौ लीजिए।
दस लौ ताड़न देय,
सुत ही सोलह वर्ष में,
मित्र सरिज गुन देय।
मतलब:|बच्चे की 5 वर्ष तक माता पिता प्रेम और दुलार का व्यवहार रखें। इसके बाद जब पुत्र 10 वर्ष का होने को हो तो अनुशासन होना चाहिए। सोलह साल का होने पर उसके साथ खुलकर बात होनी चाहिए।
ये करेगी सरकार
- अफसर जल्द बनाएं टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर।
- सोशल मीडिया पर नशे के खिलाफ मुहिम चलाएं।
- जाने-माने लोगों को अभियान से जोड़ें।
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