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सरबजीत की श्रद्धांजलि में बादल ने कहा- परिवार के हर सुख-दुख में सरकार साथ

8 वर्ष पहले
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भिखीविंड. शहीद सरबजीत सिंह का श्रद्धांजलि समारोह शनिवार को डीएवी पब्लिक स्कूल भिखीविंड के मैदान में हुआ। इससे पहले उनके पैतृक घर में अखंड पाठ साहिब का भोग डालने के बाद अंतिम अरदास की गई।
समागम में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़, कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आदि ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि सरबजीत देश का पहला ऐसा शहीद है, जिसने 23 साल पाकिस्तान की जेल में अंधकारमय काल कोठरी में जुल्म सहते हुए बिताए। अंत में वह देश के लिए शहीद हो गया। उसके परिवार ने उसकी रिहाई के लिए लंबा संघर्ष किया। वह परिवार के हर दुख-सुख में उनके साथ हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि सरबजीत की बहन और उसके परिवार की आवाज ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। आज हम एक सरबजीत तो खो चुके हैं, लेकिन पाक जेलों में बंद अन्य सरबजीतों को नहीं खो सकते। उनके लिए भी दलबीर कौर को आवाज बुलंद करनी चाहिए। सरकार उनके साथ है।
इस मौके पर एससीएसटी आयोग के राष्ट्रीय उप-चेयरमैन राज कुमार वेरका ने कहा कि आज पूरा देश सरबजीत को याद कर रो रहा है। पाक की इस घटिया करतूत से उसका असली चेहरा तो नंगा हुआ ही है, वहीं भारत को भी चौकस रहने की आवश्यकता है। देश भविष्य में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा। सभी पार्टियों को पाक जेलों में बंद भारतीयों की रिहाई के लिए एकजुट होना चाहिए। प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा ने कहा कि जब भी देश पर मुश्किल आई है, सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने ही दी हैं।
इस मौके पर कैबिनेट
मंत्री गुलजार सिंह रणिके, विधायक विरसा सिंह वल्टोहा, पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बिक्रम चौधरी, सुखपाल सिंह भुल्लर, भाजपा के पूर्व चेयरमैन चंद्र अग्रवाल, कांग्रेस के जिला प्रधान डा. धर्मवीर अग्निहोत्री आदि मौजूद थे।
संत से कम नहीं हैं बादल : दलबीर
दलबीर ने कहा कि वह आज तक किसी भी पार्टी में रही हों, सीएम बादल ने उनका हर समय साथ दिया है। बादल किसी संत से कम नहीं हैं। उनका दिल इतना नर्म है कि वह दिलासा देते हुए खुद भावुक हो जाते हैं। विधायक विरसा सिंह वल्टोहा और एससी एसटी आयोग के राष्ट्रीय उप-चेयरमैन राजकुमार वेरका ने भाई की तरह उनका साथ दिया। उनका कर्ज वह कभी नहीं चुका सकतीं।