चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में डे स्कॉलर्स और टीचर्स को फ्री में मिलने वाली वाई-फाई की सुविधा हॉस्टल्स के लिए फ्री नहीं है। पीयू के हर हॉस्टल में इसके लिए 100 रुपए प्रति माह के चार्ज हॉस्टर्ल्स से वसूले जा रहे हैं। बेशक वह इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की दो करोड़ रुपए की सहायता और करीब 3.37 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद शुरू हुए इस सिस्टम को पीयू प्रशासन ने जोर-शोर से फ्री घोषित किया था।
पीयू की हॉस्टल्स में वाई-फाई की सुविधा है। ये पिछले साल ही शुरू हो गई थी, लेकिन इस साल से इसके लिए रकम वसूली जा रही है। हॉस्टल्स में कम्प्यूटर्स की रिपेयर एवं अन्य काम के लिए तीन लोगों का स्टाफ भी रखा गया है, जिसे इस फंड के जरिए अदायगी की जाती है। जानकारों के मुताबिक पहले इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर मेंटेनेंस में से रकम अदा की जाती है। वाई-फाई मेंटेनेंस के नाम पर 50 रुपए की फीस नियम अनुसार ऑप्शनल है लेकिन वार्डन इसे सभी से ले रहे हैं। हॉस्टल नंबर एक के रेसिडेंट और एचएसए के प्रवक्ता विकास किन्नड़ा ने बताया कि वह वाई-वाई इस्तेमाल नहीं करते लेकिन उन्होंने भी 100 रुपए अदा किए हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी अब तक इसे फ्री ही बताती आ रही है।
अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है, जांच कराएंगे
हमने स्टूडेंट्स से ये शुल्क वसूलने को कहा है क्योंकि जब हमें मेंटेनेंस के लिए रकम देनी होती है, तो वह उपलब्ध नहीं होती। ये ऑप्शनल हैं और फीस 50 रुपए है। यदि कोई स्टूडेंट 100 रुपए प्रति माह फीस लेने की बात कर रहा है तो इसकी जांच कराई जा सकती है। यूजेस के चार्जेस नहीं हैं लेकिन हॉस्टल्स में मेंटेनेंस के लिए तो लेना ही होगा।
-प्रो नवदीप गोयल, डीएसडब्ल्यू, पीयू