चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी में अब 4.8 लाख रुपए इनकम वाली फैमिली का स्टूडेंट भी मेरिट कम मींस की स्कॉलरशिप ले सकेगा। वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर की अध्यक्षता में हुई पीयू के बोर्ड ऑफ फाइनेंस बीओएफ की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। पहले ये लिमिट 2 लाख रुपए थी। बीओएफ में एमएचआरडी की ओर से 32 करोड़ रुपए नहीं देने का मुद्दा भी उठा। उल्लेखनीय है कि पीयू को बाकी यूनिवर्सिटी की तरह फिक्स ग्रांट 20 करोड़ रुपए पंजाब सरकार देती है। इनकम के बाद डेफिसिट 176 करोड़ रुपए की रकम केंद्र सरकार से मिल रही थी। पीयू का डेफिसिट बजट इस बार 206 करोड़ रुपए था। यूनिवर्सिटी की ग्रांट अभी तक केंद्र सरकार के बजट का हिस्सा नहीं है। पीयू के एल्युमनी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.
मनमोहन सिंह के साथ तत्कालीन वीसी प्रो .आरसी सोबती की मीटिंग के बाद डेफिसिट बजट मिलना शुरू हुआ था। यूनिवर्सिटी का घाटा बढ़ता जा रहा है, जिसकी पूर्ति से हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन डवलपमेंट ने इनकार कर दिया है। पहले ही ये संभावना जताई जा रही थी सरकार बदलने के बाद पीयू के लिए परेशानी पड़ सकती है। मीटिंग में वीसी ने कहा कि इस बारे में एमएचआरडी को पुनर्विचार के लिए लेटर भेजा गया है।
फीस के मुद्दे पर पीयू मैनेजमेंट का नया पैंतरा
फीस बढ़ोतरी पर पीयू अपना पैंतरा बदलती नजर आई। पीयू सीएससी की ओर से सौंपे गए मैमोरंडम के बारे में मीटिंग में नया फैसला लिया गया। इसमें पीयू स्टूडेंट्स के लिए शिमला में नया स्टूडेंट्स हॉली-डे होम बनाएगी, जिसमें सभी मॉडर्न फैसिलिटीज होंगी। इस बढ़ोतरी के लिए पीयू स्टूडेंट्स ने मुंह पर काली पट्टी बांध कर वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने बीओएएफ के मेंबर्स को मैमोरंडम दिया।
पीयू को 206 करोड़ देने में यूजीसी ने दिखाई लाचारी
प्रो. ग्रोवर ने बताया कि पीयू ने 2014-15 के लिए 206 करोड़ रुपए का रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा था। यूजीसी ने पहले से तय 176 करोड़ रुपए से अधिक देने में असमर्थता जताई है। इसे दोबारा एमएचआरडी को भेजा है ताकि पीयू की जरूरतें पूरी हो सकें।
एजुकेशन लोन पर 20 परसेंट की सब्सिडी
मेरिट कम मींस बेस पर सब्सिडी का सजेशन यूटी के डायरेक्टर हायर एजुकेशन संदीप हंस ने दिया था। इसके तहत सभी को ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में नेशनल बैंक से एजुकेशन लोन लेने वाले स्टूडेंट्स को 20 परसेंट तक सब्सिडी मिलेगी। ये अधिकतम 25 हजार रुपए तक होगी। इससे स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा।
यूनिवर्सिटी इनोवेशन क्लस्टर के लिए 5 करोड़
बीओएफ ने यूनिवर्सिटी इनोवेशन क्लस्टर बनने के लिए पांच करोड़ रुपए देने को मंजूरी दी है। इस क्लस्टर के लिए बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल से करीब 234 लाख रुपए की रकम मिली है। ये रकम फाउंडेशन ऑफ हायर एजुकेशन फंड के इंट्रेस्ट से दी जाएगी। हर साल एक करोड़ रुपए रिलीज दिए जाएंगे।