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पुलिस रिफॉर्म्स पर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बोला झूठ : जाखड़

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. विपक्ष के नेता सुनील कुमार जाखड़ ने पंजाब सरकार पर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार को गलत एफिडेविट देकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
इस झूठे एफिडेविट में सरकार ने दावा किया है कि पंजाब सरकार ने पुलिस रिफॉर्म्स के तहत राज्य में पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज और स्टेट सिक्योरिटी कमीशन की स्थापना कर दी है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है और यह जानकारी न केवल खुद सरकार के गृह विभाग ने दी है।
इन अथॉरिटीज को गठित करने के लिए उन्हें विपक्ष के नेता होने के नाते किसी किस्म की जानकारी नहीं दी गई है। विपक्ष के नेता सुनील कुमार जाखड़ ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल (जिनके पास गृह विभाग भी है) से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।
जाखड़ ने कहा, सरकार ने केंद्र और सुप्रीम कोर्ट को जो झूठा एफिडेविट दिया है वह उस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे। इसके अलावा वह जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से भी मिलेंगे।
जाखड़ ने कहा, सुखबीर बादल पुलिस में बड़े बड़े रिफॉर्म्स करने के दावे कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि साल 2008 में जल्दबाजी में पारित करवाए गए पुलिस एक्ट को लागू तक नहीं किया जा रहा है।
लोकसभा में यह बताया
जाखड़ ने कहा, 5 मार्च 2013 को लोकसभा में जयंत चौधरी ने जब केंद्रीय गृहमंत्री से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों पर विभिन्न राज्यों में बनाए गए पुलिस रिफॉर्म्स को किन राज्यों ने लागू कर दिया है के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने सभी उन राज्यों की जानकारी दी । इन राज्यों में पंजाब का नाम भी शामिल है। इसी के तहत पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज और स्टेट सिक्योरिटी कमीशन स्थापित करने की बात कही गई है लेकिन वास्तव में पंजाब में ये तीनों संस्थाएं गठित नहीं की गई हैं।
आरटीआई में यह
जाखड़ ने कहा, पंजाब सरकार ने हमारे द्वारा आरटीआई में ली गई जानकारी में बताया कि गृह विभाग ने जिला और स्टेट लेवल पर पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज का गठन नहीं किया है। साफ है कि सरकार ने केंद्र सरकार को झूठ बोला गया है।
उन्होंने कहा, यदि ये अथॉरिटीज बना दी जाती तो पुलिस वालों के खिलाफ शिकायत करने में पीड़ितों को कोई मुश्किल न आती। तरनतारन की पीड़िता भी राजनीतिज्ञों के आगे पीछे घूमने की बजाय इन अथॉरिटीज के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा लेती।