पंचकूला. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आने पर पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम की सजावट पर प्रशासन ने लाखों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन यह राशि सिर्फ उन्हीं जगहों की सजावट पर खर्च की गई, जहां तक राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मंत्रियों और हुडा के सीनियर अफसरों की नजर जा सकती थी, जबकि ऑडिटोरियम की स्टेज के पीछे और आसपास के अन्य स्थानों पर ध्यान नहीं दिया गया।
सवाल यह उठता है कि जब ऑडिटोरियम पर लाखों रुपए खर्च किए ही गए हैं तो ये कमियां क्यों छोड़ दी गईं। आलम यह है कि जिन जगहों पर दीमक ने प्लाई को नुकसान पहुंचा रखा है, उन्हें छिपाने तक की कोशिश की गई।
ऑडिटोरियम में लगी कुर्सियों के साथ आने जाने के लिए बने रास्ते के साथ लगी प्लाई में लगी दीमक को प्लाई बोर्ड से ढक दिया गया। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर भी प्लाई उखड़ चुकी है। हॉल में एंट्री डोर के ऊपर का सनमाइका भी उखड़ चुका है।
पीएम के आने पर भी करवाई थी मरम्मत
पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पंचकूला में एनजेडसीसी के कार्यक्रम में आए थे। उनके आने से पहले भी हुडा ने ऑडिटोरियम की मरम्मत करवाई थी। इस दौरान भी हुडा ने यहां लाखों रुपए खर्च किए थे, क्योंकि कार्यक्रम का कुछ हिस्सा इसी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था।
इस बार राहुल गांधी के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम आने के दौरान भी हुड्डा के अधिकारी राहुल गांधी के सामने ऑडिटोरियम की कोई भी कमी नहीं आने देना चाहते थे। इसी लिए हुडा ने यहां मरम्मत का काम करवाया, लेकिन मरम्मत का यह काम सिर्फ ऊपरी तौर पर ही कराया गया। कार्यक्रम के बाद ये कमियां उजागर हो गईं। सवाल उठता है कि ये कमियां हुडा के अधिकारियों के स्तर पर छोड़ी गईं या ठेकेदार के।
कन्नी काट रहे हैं अफसर
इस बारे में जब हुडा की इंजीनियरिंग डिवीजन 1 के एक्सईएन रोहताश सिंह को फोन किया गया था, तो उन्होंने आवाज न आने का बहाना बनाकर फोन काट दिया। वहीं, जब उनके ऑफिस में मिलने गए, तो वे जवाब न देते हुए बचकर निकल लिए।
एक्सपर्ट कमेंट
ठेके में सारा काम आ जाता है। चाहे फ्रंट का हो या बैक साइड का। जहां दीमक लगी है, उस जगह पर सनमाइका लगाने से काम नहीं होता। नए सिरे से मरम्मत करनी पड़ती है। नहीं तो सनमाइका ज्यादा नुकसान करता है।
-नंदीश शर्मा, सिविल इंजीनियर, चंडीगढ़