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यहां झाड़ियों में चलता है प्रेम का खेल, इतने हुए शर्मिंदा कि जज ने भी बदल लिया रास्ता

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. ‘शाम को सैर करने रोज गार्डन व शांति कुंज जाता था, लेकिन अब वहां नहीं जाता।’ छेड़छाड़ की घटनाओं पर सुनवाई से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन ने यह टिप्पणी की।
आगे वे कुछ नहीं बोले, लेकिन उनके चेहरे के हाव-भाव ने शहर के हालात को बयां कर दिया। उनके साथ बैठे कार्यवाहक चीफ जस्टिस जसबीर सिंह ने कहा कि इसके लिए कहीं न कहीं हम भी दोषी हैं। बच्चों को संस्कार नहीं देंगे तो ये परेशानियां होंगी।
महेंद्रगढ़ जिले के 6 गांवों की लगभग 400 लड़कियों के छेड़छाड़ के डर से स्कूल न जाने के मामले से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने ये टिप्पणियां की। अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को भी इस मामले में 28 मई के लिए नोटिस जारी कर पूछा है कि छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोकथाम के लिए क्या उपाय किए गए हैं।
चंडीगढ़ की एनजीओ लायर्स फॉर हयूमन राइट्स इंटरनेशनल ने याचिका में कहा कि चंडीगढ़ में भी स्कूल-कॉलेज व बाजार के आसपास छेड़छाड़ हो रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर आईपीसी में किए संशोधन को कड़ाई से लागू कराया जाए।
आगे तस्वीरों में देखिए रोज गार्डन का हाल, प्रेमी-प्रेमिकाओं के मिलन का बन गया है अड्डा...