मोहाली. शिराेमणि अकाली दल के 95वें जन्मदिवस के उपलक्ष में मोहाली तथा खरड़ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पार्टी नेता समर्थक फेज-9 स्थित बलवंत सिंह रामूवालिया के घर पर इकट्ठे हुए।इस बैठक में मोहाली शहर के रामूवालिया गुट से संबंधित नेता समर्थक ही मौजूद थे। अकाली दल के जन्मदिवस को लेकर केक काटा गया। उसके बाद निगम चुनावों के बारे में विचार हुआ। जत्थेदार उजागर सिंह बडाली ने जहां पार्टी के कुर्बानी भरे इतिहास के बारे में बताया वहीं बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा कि अकाली दल हर माेर्चे पर लोगों के लिए आगे आया है।
इस सब के बीच निगम चुनावों को लेकर बलवंत सिंह रामूवालिया ने आह्वान किया कि सभी अकाली गुट एक जुट हो जाए ताकि अकालीदल को नगर निगम की 50 सीटों पर विजयी बनाया जा सके। शहर में निगम चुनावों काे लेकर अकाली दल की आेर से जो कार्य किए गए हैं उनके बारे में पार्टी समर्थक लोगों को बताए।
उन्होंने सभी पार्टी वर्करों से कहा कि निगम चुनाव जल्द ही होने वाले हैं। इसलिए पूरे उत्साह के साथ काम किया जाए। पार्टी वर्करों में जोश भरने के लिए उन्होंने यह बात कही की जब तक वह तथा जत्थेदार उजागर सिंह बडाली एक है तब तक कोई भी अकालीदल को नुकसान नहीं कर सकता।
शहर में अकालीदल के कई गुट हैं। निगम चुनावों के दौरान यह सभी गुट एक दूसरे के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं। भले ही वह बार्डबंदी का मसला हो या फिर निगम चुनावों में टिकट देने की कवायत हो। सभी अकाली गुटों को अगर एक किया गया तो इसका फायदा कांग्रेस या भाजपा या फिर अकालियों के बागियों को मिल सकता है।
वरिष्ठ अकाली नेता कुलवंत सिंह रामूवालिया ने बताया कि अकाली दल का गठन 14 दिसंबर 1920 हुआ था। सरदार सुरमुख सिंह चखवाल पहले अध्यक्ष थे। इसका गठन गुरुद्वारों में अंग्रेजों के बिठाए गए महंतो से मुक्त करवाना और सिखों की देश की आजादी को लेकर शमूलियत को बढ़ाना था। इस अकालीदल के अध्यक्ष रहने वालों में बाबा खड़क सिंह, तेजा सिंह समुदड़ी, मास्टर तारा सिंह, संत फतेह सिंह, संत हरचरण सिंह लौंगोवाल, जगदेव सिंह तलवंडी, सुरजीत िसंह बरनाला सरदार प्रकाश सिंह बादल और अब सुखबीर सिंह बादल शामिल हैं।