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  • आज भी नई डिश बनाता हूं तो डर लगता है: संजीव कपूर

आज भी नई डिश बनाने से पहले डरते हैं मशहूर शेफ संजीव कुमार

6 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। भारत के मशहूर शेफ संजीव कपूरशनिवार को चंडीगढ़ के जीरकपुर के होटल पार्क प्लाजा में किचन स्टार काॅन्टेस्ट में जज बनकर आए। इस दौरान उन्होंने कंटेस्टेंट्स का हौसला भी बढ़ाया और अपने अनुभव भी साझा किए। यहां संजीव कुमार बोले कि आज भी जब नई डिश बनाता हूं तो जीरो से ही शुरू करता हूं और डरता भी हूं।

'आप सभी को संजीव कपूर का प्यार भरा नमस्कार।' अपने इसी सिग्नेचर स्टाइल में संजीव ने हॉल में बैठे सभी गेस्ट्स और कंटेस्टेंट्स को ग्रीट किया। बोले खाने की बात आती है तो पंजाब बेहतरीन शहर है। बोले खाने की भाषा तो सभी को समझ में आती है। इसलिए अच्छा खाना बनाकर दिलों में उतरा जा सकता है। इसके बाद इस कॉन्टेस्ट की शुरुआत हुई। इस कॉन्टेस्ट का फोकस पंजाब पर ही था। चुने गए 10 प्रतिभागियों ने टाटा आई-शक्ति मसालों का इस्तेमाल करके लाइव कुकिंग इवेंट में अपनी अपनी सिग्नेचर डिश बनाईं।

संजीव कपूर ने कहा कि पंजाब स्वादिष्ट खाने की धरती के रूप में जाना जाता है, जहां का सरसो का साग और बटर चिकन मशहूर हैं। इस कॉम्पिटीशन में उन्हें उम्मीद से परे पाक कला का प्रदर्शन देखने को मिला। मौके पर कंपनी की कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस की सीओओ रिचा अरोड़ा और फूड्स एट न्यू प्रोडक्ट्स ग्रुप-फूड एट टाटा कैमिकल्स के बिजनेस हैड सुबोध श्रीवास्तव भी मौजूद थे।
सेलेब्रिटी बनने के लिए नहीं दिल से करें कुकिंग
संजीव के मुताबिक आजकल लोग इनोवेटिव आइडियाज के साथ कुकिंग कर रहे हैं। उनके समय में ज्यादा पढ़े लिखे लोग इस इंडस्ट्री में नहीं आते थे, पर इन दिनों अच्छे परिवारों के लोग इस प्रोफेशन में आ रहे हैं। मैं यंगस्टर्स को इतना कहूंगा कि सेलिब्रिटी बनने का सोचकर इस प्रोफेशन में न आएं। पहले दिल से अच्छा खाना पकाएं। तारीफ मिले तो और अच्छी कुकिंग करें। तारीफ होगी, तभी टीवी शो मिलेंगे। अपनी बात करूं तो जब मैं बेस्ट एग्जिक्यूटिव शेफ बन गया था, तभी टीवी शो खाना-खजाना पर आया। इसके बावजूद मैं आज भी जब नई डिश बनाता हूं तो जीरो से ही शुरू करता हूं। मुझ में उत्सुक्ता भी होती है और पहले जैसा डर भी। फिर भी खुद पर विश्वास होता है और सब ठीक हो जाता है।
डिश-पंजाबी छोले और हराभरा फलाफल
'मुझे बचपन से ही कुकिंग का शौक था। इसलिए ढाबा शुरू किया। 7 लोग काम करने के लिए रखे थे पर डिशेज का मसाला मैं खुद ही तैयार करता था। करीब 7 साल तक उस ढाबे को चलाया फिर बंद कर दिया। अब मेरा स्टेशनरी का काम है। पर किचन में काम करने का पैशन पहले जैसा ही है। इसलिए अकसर फैमिली गेट टूगेदर्स में खाना पकाता हूं। इस तरह के कुकरी शो में पहली बार पार्टिसिपेट किया है। इसमें फर्स्ट रनरअप हूं इसलिए काफी हौसला बढ़ गया है। आजकल बच्चे खाने से दूर भागते हैं। इसलिए अब मैं इंडियन फूड में कुछ ऐसी इनोवेशंस करना चाहता हूं कि छोटे बच्चे भी स्वाद से खाएं।' रविंदर कौर, विनर, लुधियाना