चंडीगढ़. सीएम बादल ने सरप्लस बिजली बेचने के लिए पंजाब राज्य पावर कॉपरेरेशन लिमिटेड को एक अलग पावर ट्रेडिंग कंपनी स्थापित करने के लिए सहमति दे दी है। राज्य में स्थापित किए जा रहे थर्मल प्लांटों में से पैदा होने वाली सरप्लस बिजली अन्य राज्यों को बेची जाएगी।
यह फैसला एलएंडटी कंपनी के डायरेक्टर एसएन रॉय के साथ हुई बैठक के दौरान लिया गया। बादल ने पीएसपीसीएल के चेयरमैन केडी चौधरी को निर्देश दिए कि वह पावर ट्रेडिंग कंपनी स्थापित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करें।
ताकि, सितंबर के अंत तक कंपनी को स्थापित किया जा सके। केडी चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिजली विभाग के सचिव अनिरुद्ध तिवारी के साथ बात करके मसौदा तैयार कर लिया गया है और समय सीमा के भीतर ही पावर ट्रेडिंग कंपनी स्थापित कर ली जाएगी।
इस दौरान राय ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने कल ही निजी तौर पर राजपुरा थर्मल प्लांट की प्रगति का जायजा लिया उन्होंने कहा कि वह इस कार्य के संबंध में पूरी तरह संतुष्ट है और यह प्लांट दिसंबर 2013 में कार्य करना शुरू कर देगा। बादल ने कहा कि वह शीघ्र ही भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के पास राजपुरा थर्मल प्लांट में बिजली पैदा करने के लिए बिना अड़चन कोयला सप्लाई करने का मामला उठाएंगे।
बिजली अभी अपने लिए नहीं, बेचने की तैयारी
पंजाब में अभी 1810 मेगावाट बिजली की कमी है। 10 जून के बाद जब धान की रोपाई शुरू होगी तो यह मांग और बढ़ जाएगी। जबकि दिसंबर से पहले किसी भी नए थर्मल प्लांट से बिजली मिलने की संभावना नहीं है और जिस तरह से थर्मल प्लांटों को पूरा कोल लिंकेज नहीं मिल रहा है। इससे साफ है कि नए थर्मल प्लांट बनकर तैयार भी हो गए तो वे कोयले के अभाव में उत्पादन कहां से शुरू कर पाएंगे। ऐसे में सरप्लस बिजली बेचने की तैयारी सरकार ने अभी से कर ली है।