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72 विधायकों के सीएम को लेटर; सड़क हादसों पर हो विशेष बहस

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. बस बहुत हुआ...! सड़कों पर अब सांसें नहीं टूटने देंगे...भास्कर के इस संकल्प के साथ पहली बार पंजाब के 72 विधायक जुड़े हैं। एक साथ। सभी ने सीएम प्रकाश सिंह बादल को लेटर लिखे हैं। कहा है-20 दिसंबर के बाद जब भी विधानसभा का शीतसत्र शुरू हो, उसमें पंजाब की सड़कों पर मिटती जिंदगियों को बचाने के लिए कानून बनाने और जो बन चुके हैं उन्हें लागू कराने पर चर्चा की जाए। कुछ ने सुझाव भी दिए हैं। मसलन एन्फोर्समेंट में सख्ती होनी चाहिए।
विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने तो स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल को लेटर भी लिखा है। कहा है-युवा सड़कों पर मर रहे हैं। हम हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकते। विधायकों का कहना है कि अब वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
- ये इसलिए जरूरी, क्योंकि फोकस्ड बातचीत होगी|विशेष बहस के तहत सदन में एक ही मुद्दे पर फोकस्ड बातचीत होती है। पक्ष व विपक्ष सुझाव रखते हैं। क्योंकि, हादसों के मुद्दे पर अकाली-भाजपा व कांग्रेस के 72 विधायक एकसुर हैं, इसलिए सरकार पर दबाव रहेगा कि उन उपायों पर काम किया जाए।
- विशेष बहस तभी, जब बेहद जरूरी कारण हो| प्रावधान ये है कि जब प्रदेश में ऐसे हालात बन जाएं जिन पर तुरंत कदम उठाने की जरूरत हो, उसी स्थिति में विशेष बहस कराई जाती है।
- बिजनेस कमेटी तय करती है बहस का समय|सीएम मामला बिजनेस कमेटी को भेज देते हैं। कमेटी तय करती है कि बहस के लिए कितना समय दिया जाए। कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह अटवाल हैं। विपक्ष के नेता सुनील जाखड़, जगमोहन कंग और संसदीय कार्यमंत्री मदनमोहन मित्तल इसके सदस्य हैं।
रोड सेफ्टी अथॉरिटी बनाने पर
रोड सेफ्टी पॉलिसी की सिफारिशें तुरंत लागू होनी चाहिए। सरकार ने नोटिफिकेशन तो जारी कर दी, अब अथाॅरिटी और उसका चेयरमैन नियुक्त किया जाना चाहिए। उसके बाद कई विभागों की जिम्मेदारी इसे लागू करने की होगी। - हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस व विधायक निर्मल सिंह, इकबाल सिंह झूूंदा
विधानसभा कमेटी की सिफारिशों पर
विधानसभा में जुलाई 2011 में रोड सेफ्टी को लेकर मास्टर मोहन लाल की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। कमेटी ने दुपहिया वाहन चालक के लिए हेलमेट जरूरी, ट्राॅली पर रिफ्लेक्टर लगाने, हाईवे पर शराब की दुकानें बंद करने समेत दस सिफािरशें की थीं।
एन्फोर्समेंट में रिजर्व फोर्स लगाने पर
ड्रंकन ड्राइव, ओवर स्पीड और ओवरलोड को रोकने के लिए 22 हजार की रिजर्व फोर्स में से कम से कम 5 हजार पुलिसकर्मी रोड सेफ्टी में लगाए जाने चाहिए। ट्रैफिक रूल तोड़ने वाले चालक का लाइसेंस पंच होना चाहिए। 3 पंच के बाद लाइसेंस सस्पेंड होना चाहिए। ब्लैक स्पाॅट्स पर पुलिसकर्मी तैनात होने चाहिए।
यह होना चाहिए लॉन्गटर्म प्लान
- रोड इंजीनियरिंग के फाॅल्ट दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी, ब्रिज एंड रोड डेवपलमेंट बोर्ड और एनएचएआई की संयुक्त टीम बननी चाहिए।
- स्कूलों में सिलेबस रोड सेफ्टी पर होना चाहिए। एजुकेशन डिपार्टमेंट को तय समय में योजना बनाने के निर्देश दिए जाने चाहिए।
- फुटपाथ-साइकिल ट्रैक बनाने पड़ेंगे। सड़कों से एन्क्रोचमेंट खत्म होना चाहिए। इसके लिए अफसरों की जिम्मेदारी फिक्स होनी चाहिए।
सीएम की चिट्‌ठी मिलते ही शामिल करेंगे मसला
एमएलए के लेटर सीएम के पास गए हैं। सीएम हमें भेजते हैं तो निश्चित ही हादसों पर विशेष बहस का एजेंडा बिजनेस में शामिल करेंगे। - मदन मोहन मित्तल, पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर
इन विधायकों ने लिखे लेटर
विपक्ष के नेता सुनील जाखड़, नेशनल एससी बीसी कमीशन के मेंबर डॉ राजुकमार वेरका, केवल ढिल्लों, मोहम्मद सिद्दीक, हरचंद कौर, दर्शन सिंह कोट फत्ता, अजायब सिंह भट्टी, जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, जोगिंदर सिंह पंजगराईं, रणदीप सिंह नाभा, जस्टिस निर्मल सिंह, कुलजीत सिंह नागरा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, अश्वनी सेखड़ी, अरुणा चौधरी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुरिंदर सिंह भूलेवाल राठां, सुंदर श्याम अरोड़ा, संगत सिंह गिलजियां, गुरप्रताप वडाला, राणा गुरजीत सिंह, नवतेज सिंह चीमा, सिमरजीत बैंस, दर्शन सिंह शिवालिक, एसआर कलेर, बलविंदर सिंह बैंस, राकेश पांडे, भारत भूषण आशू, अमरीक सिंह, गुरचरण सिंह बोपाराय, प्रेम मित्तल, अजीत इंद्र सिंह मोफर, जोगिंदर पाल जैन, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, करण कौर बराड़, त्रिलोचन सिंह सूंढ, गुरइकबाल कौर, साधू सिंह धर्मसोत, हरदयाल सिंह कंबोज, ब्रह्म मोहिंदरा, सुरजीत सिंह रखड़ा, लाल सिंह, वनिंदर कौर, चरनजीत सिंह चन्नी, बलबीर सिंह सिद्धू, इकबाल सिंह झूंदा, रमनजीत सिंह सिक्की,प्रगट सिंह, केडी भंडारी, सुखविंदर सिंह सरकारिया, चतिन सिंह, परमिंदर सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत 72 विधायकों ने ये लेटर लिखा है।