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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। बतौर कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट टीचर एजुकेशन डिपार्टमेंट को अपने कई साल देने के बाद भी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। 21 दिन पहले निकाले गए इन टीचर्स को भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है और बुधवार को तो डीपीआई (स्कूल्स) उपकार सिंह का रुखा व्यवहार कई टीचर्स को रुला गया।
गेस्ट टीचर्स शाम करीब 6 बजे डीपीआई ऑफिस सेक्टर-9 पहुंचे। डीपीआई उपकार सिंह मीटिंग में थे। टीचर्स ने उनका ऑफिस के बाहर ही इंतजार किया। कुछ समय बाद डीपीआई निकले तो टीचर्स ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। टीचर्स के मुताबिक डीपीआई उपकार सिंह मांग पत्र देखते ही भड़क गए और उन्हें वहां से निकल जाने को कहा।
साथ ही बोले कि तुम लोगों का कुछ नहीं होगा और मांग पत्र फेंक दिया। इसके बाद कुछ टीचर्स रो पड़े। इनको संभालने के लिए डिप्टी डायरेक्टर चंचल सिंह और सुपरिंटेंडेट मंजूश्री को आना पड़ा। चंचल सिंह ने आश्वासन दिया कि वह कोशिश कर रहे हैं कि टीचर्स को दोबारा नौकरी दी जा सके। गौरतलब है कि 17 मई को डिपार्टमेंट ने 96 गेस्ट टीचर्स को निकाल दिया था। तभी से यह बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले दोपहर 4 बजे यह सभी गेस्ट टीचर्स मस्जिद ग्राउंड सेक्टर-20 पहुंचे और यहां से नारे लगाते हुए पैदल ही डीईओ राम कुमार के सेक्टर 19 स्थित ऑफिस गए। वहां न तो डीईओ थे, न ही डिप्टी डीईओ। इसके बाद सभी सेक्टर 9 स्थित डीपीआई ऑफिस पहुंचे थे।
मैं भले ही टीचर्स के साथ रूड हो गया था, लेकिन हकीकत में मैं उनके भविष्य को लेकर चिंतित हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर चाहता हूं कि इन सभी को एडजस्ट कर लिया जाए।
-उपकार सिंह, डीपीआई (स्कूल्स)
डीपीआई को टीचर्स के साथ रूखा बर्ताव नहीं करना चाहिए था। उन्हें याद रखना चाहिए कि वह भी किसी टीचर के स्टूडेंट रहे हैं।
-स्वर्ण सिंह कम्बोज, प्रेसिडेंट, यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लॉइज यूनियन
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