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हरियाणा में महिला सुरक्षा का सच, छेड़छाड़ के डर से 400 छात्राएं नहीं गईं स्कूल

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़/महेंद्रगढ़. महेंद्रगढ़ जिले के छह गांवों की करीब 400 लड़कियां छह मई से स्कूल नहीं गई हैं। कारण है स्कूल आते-जाते समय होने वाली छेड़छाड़।
अभिभावकों ने लड़कियों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला तब लिया, जब उनकी सुनवाई न शिक्षा विभाग में हुई और न ही पुलिस ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए कोई उचित कदम उठाए। इस घटना ने जहां प्रदेश में ‘क्राइम अगेंस्ट वुमन’ रोकने के दावों की पोल खोली, वहीं स्कूल में छेड़छाड़ की घटनाओं में प्रशासन की नाकामी भी उजागर की। जिले के गांव निहालावास की लड़कियां बैरावास स्कूल में पढ़ने जाती हैं। छह मई को स्कूल से घर आ रही एक लड़की के साथ तीन लड़कों ने छेड़छाड़ की और उसके कपड़े तक फाड़ दिए थे।
सीएम को एक हफ्ते तक नहीं मिली जानकारी
जिले के अफसरों ने दबाए रखी घटना- सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक को मामले की जानकारी नहीं थी। जिले के अफसरों ने सात दिन तक मामला दबाए रखा। भास्कर ने सीएम से बातचीत की और उन्हें घटना की जानकारी दी। तब कहीं जाकर प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्रगढ़ के डीसी डीके बेहरा ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल को बदल दिया गया है। लड़कियों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है।
जिन पर जिम्मा, उन्हें पता ही नहीं
‘क्राइम एगेंस्ट वुमन’ विंग के एडीजीपी बाहर गए हुए हैं। आईजी डॉ. सुमन मंजरी से पूछा तो उन्होंने कहा,‘मुझे मामले की जानकारी नहीं है।’ हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई अर्जी दीं पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
मामला सुलझा, जाएंगी पढ़ने
निहालावास के सरपंच राजेंद्र ने बताया कि जब उन्होंने विरोध जताया तो बैरावास के लोगों ने उन पर ही सवाल खड़े कर दिए। फिर गांवों की पंचायतों ने सामूहिक रूप से लड़कियों की सुरक्षा का जिम्मा लिया। इसके बाद मामला सुलझ गया। जल्द ही बच्चियां स्कूल जाने लगेंगी।