चंडीगढ़ /लुधियाना/जालंधर/अमृतसर. ऑल इंडिया केमिस्ट्स एसोसिएशन की ओर से हड़ताल के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब में 16000 दुकानें बंद रहीं। इससे मरीज दवाओं के लिए भटकते रहे। ज्यादातर लोगों को मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर पता चला कि आज हड़ताल है और उन्हें बिना दवा के निराश लौटना पड़ा।
केमिस्ट्स को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। अस्पतालों में मेडिकल स्टोर खुले रहे। इन स्टोर्स पर भारी भीड़ लगी रही। ये भी मरीजों की दवा की जरूरत को पूरी नहीं कर सके। लुधियाना, जालंधर, बठिंडा, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर जिलों में हड़ताल का व्यापक असर रहा व सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे।
इसलिए हड़ताल पर गए केमिस्ट्स
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन के प्रधान शमेशर सिंह व महासचिव स्वर्णजीत सिंह ने बताया कि केंद्र की नई ड्रग पॉलिसी के तहत केमिस्ट्स का प्रॉफिट मार्जिन कम किया जा रहा है। पहले ड्रग इंस्पेक्टर ही केमिस्ट शॉप्स पर रेड कर सकते थे।
नई पॉलिसी के तहत पुलिस को भी इसमें इन्वॉल्व किया जा रहा है। यानी पुलिस अब बिना ड्रग इंस्पेक्टर के भी किसी भी केमिस्ट शॉप पर रेड कर सकेगी। ञ्च नई पॉलिसी के तहत अब उसी केमिस्ट को दवा की नई दुकान खोलने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा, जो किसी अस्पताल के अंदर या उसके आसपास दुकान खोलना चाहेगा।
इसके अलावा किसी को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद केमिस्ट शॉप खोलना चाहता है तो उसे भी तब तक लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा, जब तक वह किसी अस्पताल के अंदर या आसपास दुकान नहीं खोलना चाहेगा।
हरियाणा में भी व्यापक असर
चंडीगढ़. केमिस्टों की हड़ताल का हरियाणा में भी व्यापक असर रहा। प्रदेश में 18000 मेडिकल स्टोर बंद रहे। अंबाला, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी और यमुनानगर में केमिस्ट्स ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण सभी जिलों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़। हालांकि सरकारी अस्पतालों में मेडिकल स्टोर खुले रहने से लोगों को थोड़ी सी राहत मिली।