चंडीगढ़। कनेक्टिंग पैसेज की अलॉटमेंट में ही गड़बड़ी नहीं बल्कि पब्लिक टॉयलेट्स पर एडवर्टाइजमेंट की अलॉटमेंट में भी नगर निगम के अफसरों ने सेलवेल कंपनी को फायदा पहुंचाया था। इससे नगर निगम को 2 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। ताजा मामला 17 पब्लिक टॉयलेट्स का है जो सेलवेल कंपनी को एडवर्टाइजमेंट के लिए रिजर्व प्राइज से भी कम रेट पर दे दिए गए। सीबीआई तक इसकी शिकायत पहुंच चुकी है और जांच जारी है।
अप्रैल 2012 में हुई थी अलॉटमेंट
निगम ने अप्रैल 2012 में पांच साल के लिए 17 पब्लिक टॉयलेट्स पर एडवर्टाइजमेंट का टेंडर निकाला। 17 टॉयलेट्स की कुल रिजर्व प्राइस 19180 रुपए (प्रतिमाह) तय की गई। लेकिन सेलवेल कंपनी को यह टेंडर वर्ष 2012 से 2017 के लिए 13702 रुपए पर अलॉट कर दिया गया। कंपनी ने हर साल जमा करवाने वाली एडवर्टाइजमेंट फीस भी नहीं दी। इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रिट दायर की गई और इसके बाद निगम ने 28 नवंबर 2014 को सेलवेल कंपनी को 23 लाख रुपए की एडवर्टाइमेंट फीस जमा करवाने का नोटिस दिया। इसके बावजूद कंपनी ने अभी तक राशि जमा नहीं करवाई है।
2006 में रिजर्व प्राइस से नीचे टेंडर
2006 में पांच साल के 17 पब्लिक टॉयलेट्स पर एडवर्टाइजमेंट का टेंडर निकाला। रिजर्व प्राइस दो साल के लिए 2500 रुपए प्रति टाॅयलेट, 3000 रुपए अगले दो साल के लिए जबकि 3500 रुपए पांचवे व आखिरी साल के लिए रखा गया। यह टेंडर सेलवेल कंपनी को पहले दो साल के लिए 250 रुपए प्रति टॉयलेट, अगले दो साल के लिए 400 और आखिरी व पांचवें साल के लिए 700 रुपए प्रति टॉयलेट के हिसाब से अलॉट किया।
क्या है नियम
टेंडर अखबार में देने से पहले उसकी टर्म्स एंड कंडीशंस तय की जाती है, लेकिन 23 फरवरी को 2006 को टेंडर की डीएनआईटी अप्रूव की गई। टेंडर उससे पहले ही निकाला और 28 फरवरी को टेंडर खाेल दिया गया।