चंडीगढ़. नगर निगम का बजट अप्रूव नहीं हुआ तो ठेकेदारों ने उन बूस्टिंग पंप का निर्माण कार्य धीमा कर दिया जिनके बनने से आपके घरों में फुल प्रेशर से पानी की सप्लाई होगी।
अब छह में से चार बूस्टर जोकि सेक्टर-31ए, 39, 46 और 48 सी में हैं, इस महीने के आखिर तक काम करने लगेंगे। लेकिन सेक्टर-29 और 47 में ट्यूबवेल की बोरिंग ही हुई है, इनके चेंबर और मशीनरी जून महीने के आखिर तक पूरे हो सकेंगी। ऐसे में आशंका है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी सदर्न सेक्टरों में लो प्रेशर की दिक्कत बढ़ती जाएगी।
इसलिए हुआ ऐसा
निगम ने इस साल जनवरी में सदर्न सेक्टरों में छह बूस्टर लगाने का काम शुरू किया था। निगम का बजट अप्रूव नहीं होने के कारण अप्रैल माह से निर्माण कर रहे ठेकेदारों को पेमेंट नहीं हो सकी, इससे उन्होंने काम धीमा कर दिया।
निगम कमिश्नर ने प्रशासन से स्वीकृति दिलाकर पब्लिक हेल्थ के लिए 10 करोड़ रुपए की अस्थाई व्यवस्था करवा दी। सोमवार को निगम फंड निगम ऑफिस में पहुंच जाएगा इसके बाद ही ठेकेदारों को पेमेंट होने लगेगी।
छह सेक्टरों में बन रहे हैं यूजीआर
नगर निगम की ओर से छह सेक्टर- 29, 31, 39, 46, 47 और 48 सी में ट्यूबवेल के साथ ही यूजीआर (अंडर ग्राउंड रिजरवायर) बनाए जा रहे हैं। इनमें से सेक्टर 31ए, 39, 46 और 48 सी के बूस्टर पंप कंप्लीट हो चुके हैं। सेक्टर 48 सी में मीटर लग चुका है जबकि तीन बूस्टिंग पंपों के मीटर लगने रहते हैं। मीटर लगने के बाद ट्रायल शुरू हो सकेगा। संभावना है कि चारों बूस्टिंग पंप 31 मई तक चलने लगेंगे। वहीं सेक्टर 29 और 47के बूस्टिंग पंप का चेंबर बनना है ट्यूबवेल की मशीनरी लगाने में डेढ़ महीना लग जाएगा।
शहर में पानी का हिसाब
145000 पानी कनेक्शन
87 एमजीडी रोजाना सप्लाई
67 एमजीडी भाखड़ा नहर
210 ट्यूबवेल्स से 20 एमजीडी
15 फीसदी लीकेज
सीधी बात- आरसी दीवान, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, नगर निगम
बूस्टिंग पंप का काम डिले होने की क्या वजह रही है?
पंप लगाने वाले ठेकेदारों को 16 मार्च के बाद अब तक पेमेंट नहीं हो सकी। इसके कारण ठेकेदारों ने काम धीमा कर दिया। ऐसा नगर निगम का बजट मंजूर न होने के कारण हुआ।
सदर्न सेक्टरों में टॉप फ्लोर पर लो प्रेशर सप्लाई की दिक्कत आएगी?
सुबह की सप्लाई टॉप फ्लोर तक दी जाएगी। बूस्टिंग पंप शुरू होने के बाद शाम को भी प्रेशर से सप्लाई होने लगेगी।