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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. गैंगरेप का शिकार युवती वीरवार को अदालत में अपने बयानों से मुकर गई। पीडि़ता के आरोपियों को पहचानने से इनकार करने के बाद अदालत ने तीन आरोपी युवकों मोंटी पंडवाल, मोंटी सभरवाल और प्रशांत को बरी कर दिया। पीडि़ता ने 27 अप्रैल 2013 को पुलिस को दिए बयान में अपने साथ तीनों युवकों द्वारा दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। युवती ने अपने बयानों में कहा था कि वह अपनी एक फे्रंड के साथ दवा लेने जा रही थी। कृष्णा मार्केट के नजदीक पहुंचते ही प्रशांत का फोन आया। उससे घटना से पहले उसकी फोन पर बातचीत हो रही थी। उसने मुझे घर छोड़ का आश्वासन देते हुए वहीं रुकने को कहा। पीडि़ता ने अपने साथ जा रही फे्रंड को वापस भेज दिया।
प्रशांत वहां से मुझे मोटरसाइकिल पर सुखना लेक की तरफ ले गया था। वहां उसने अपने दो दोस्तों को बुला लिया। वहां एक सुनसान जगह पर इन तीनों ने मेरे साथ दुष्कर्म किया था। वीरवार को अदालत में सुनवाई के दौरान युवती ने तीनों आरोपी करार युवकों को पहचानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने वीरवार को युवती के अपने बयान से मुकरने पर तीनों आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। पीडि़ता ने तीनों युवकों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
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