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शेफ विकास खन्ना की अगली किताब होगी 8 लाख की, व्यक्त किए विचार

7 वर्ष पहले
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अमृतसर के जायके इस किताब में मैनें समेटे हैं

सेलेब्रिटी शेफ विकास खन्ना एक साल में चार किताबें लिखने का टार्गेट रखते हैं, इसी सूची में उन्होंने अपनी नई किताब अमृतसर लॉन्च की है, किताब के बारे में विकास ने विचार साझा किए। "खाना बनाने से मुझे बेहद लगाव है। खाने से मेरा पहला प्यार घर की रसोई में तो नहीं लेकिन स्वर्ण मंदिर में सेवा के लिए बनाए खाने को लेकर हुआ। दादी मां घर में से सिर्फ मुझे ही वहां ले जाती। वहीं एहसास हुआ कि मेरा पहला इश्क खाना बनाना ही होगा।' अमृतसर की रसोई से अमेरिका के फाइव स्टार होटल तक का सफर करने वाले ये है शेफ विकास खन्ना। वे अपनी नई किताब अमृतसर को लॉन्च करने पहुंचे साथ ही स्माइल फाउंडेशन द्वारा आयोजित लस्सी मेकिंग प्रतियोगिता के जज भी बने। इस दौरान उन्होंने अपनी नई किताब अमृतसर के बारे मेें बात की।

विकास ने बताया, "अमृतसर किताब एक खजाना है उन व्यंजनों का जो अब लगभग लुप्त हो चुके हैं। मैंने अपनी दादी मां से जो व्यंजनों के नाम सुने थे या उन्हें बनाने का जो तरीका जाना था वह अब किसी को नहीं पता। अमृतसर के गली कूचों में लगने वाली खाने की दुकानों से भी वह गायब हो चुके हैं। इसलिए सोचा कि इस किताब के जरिए उन व्यंजनों को जिंदा किया जाए। इस किताब को लिखने की एक और वजह है, बराक ओबामा। पिछली बार जब वे अमृतसर आए तो मैं चाहता था कि वे स्वर्ण मंदिर जाकर वहां का प्रसाद (खाना) चखें, लेकिन अफसोस वे वहां जा नहीं पाए। अब यह किताब उन्हें दूंगा ताकि वह भी जान पाए अमृतसर के खाने में छुपे स्वाद को।'

विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए चलाऊंगा अभियान

अफसोस होता है कि विदेशों में कई जगह नॉन वेज में कई ऐसी प्रजातियों को खाया जाता है जो विलुप्त हो रही हैं। मैं आने वाले समय में विदेशों में एक कैंपेन चलाऊंगा, जिसका मकसद लोगों को इसके प्रति जागरूक करना होगा।

गोल रोटी बनाना है सबसे मुश्किल

आज भी सबसे मुश्किल मुझे रोटी बनाना ही लगता है। गोल रोटी बनाना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है। सभी नए शेफ्स को यहीं सलाह देता हूं कि पहले रोटी को गोल बनाना सीखो। बहुत अफसोस होता है जब नए आने वाले शेफ को सिर्फ खुद को खूबसूरती तक ही सीमित रखते देखता हूं। उन्हें हमेशा यहीं कहता हूं की विदेशी व्यंजनों को बनाने से पहले भारतीय व्यंजनों को बनाना सीखे। भारतीय व्यंजनों में जो विविधता है वह कहीं नहीं।

अगली किताब आठ लाख की

अपनी नई किताब उत्सव मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट जैसा है। इस किताब को लिखने के लिए 12 साल लगे और पूरे विश्व में घूमा। यह किताब नवंबर तक रिलीज होगी और इसकी कीमत रखी है आठ लाख रुपए। इस किताब में हर व्यंजन को एक कहानी की तरह लिखा है, जैसे कि मुरब्बे की कहानी, इस किताब को जो चीज खास बनाती है वह है इसकी कहानी। इस कहानी को गोल रोटी नाम दिया गया है, जो एक सच्ची घटना पर आधारित है।
फोटो: जसविंदर सिंह
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