( पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर रही सिमरनजीत कौर भी अपने परिवार के साथ काम में जुटी।)
मोहाली। चक्की, चरखा, मधानी, हाथी, रॉयल पलंग सहित विभिन्न प्रकार के
खूबसूरत चीजें पहले हाथी दांत से बनाई जाती थी, लेकिन वक्त बदला और अब इन बेहतरीन चीजों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है अक्रेलिक सीट। इन आइट्म की काफी मांग है। पीजी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर रही सिमरनजीत कौर ने बताया कि उनके पिता कई साल से यह काम कर रहे हैं, लेकिन अब ऑनलाइन की डिमांड बढ़ी है, इसलिए उन्होंने अपनी इन आइट्म्स को बेचने के लिए
फेसबुक और वेबसाइट को चुना है।
शीशम की लकड़ी इस्तेमाल की जाती है: सिमरनजीत ने बताया कि शीशम की पुरानी लकड़ी से पहले ढांचा तैयार किया जाता है। उसके बाद उस पर कट लगाकर उसमें अक्रेलिक सीट को भरा जाता है सिमरनजीत ने कहा कि उनके पिता, भाई, बहन और कई अन्य परिवार के सदस्य इस कारोबार में लगे थे तो उसे भी इसमें आना पड़ा। सिमरन ने बताया कि पुराने जमाने में कई तरह के आइट्म्स बनाए जाते थे।
डीसी ने वेबसाइट लाॅन्च की
रविवार को डीसी मोहाली तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू ने एक वेबसाइट fav.inlay.com को लाॅन्च की। डीसी ने कहा कि पुराने विरसे को जिस तरह से एक परिवार से संभाल कर रखा है यह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि पुरानी चीजों को संभालने की जरूरत है ताकि आने वाली नई पीढ़ी को पता चले कि पुराने जमाने में किस तरह की चीजें हुआ करती थी।