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दोस्त से पत्नी का मर्डर करवाना चाहता था, लेकिन खुद मारा गया रामकिशन

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़.10 सितंबर को सेक्टर 18-19-20-21 के चौक के बीच पत्थरों से कुचले जिस रामकिशन का शव पुलिस को मिला था, उसके ब्लाइंड मर्डर को थाना 19 की एसएचओ पूनम दिलावरी की अगुआई में पुलिस ने सुलझा लिया है। बताया गया कि कत्ल रामकिशन के दोस्त श्रीनिवास उर्फ लंबू ने किया था, जोकि गोरखपुर का रहने वाला है।

रामकिशन ने लंबू से पैसे लेने थे। शराब पीते हुए वह लंबू पर दबाव डालने लगा कि या तो उसके पैसे लौटा दे, या फिर उसके साथ जाकर उसकी पत्नी शांति का गांव में कत्ल कर दे। श्रीनिवास जब नहीं माना तो दोनों में मारपीट हुई। इसमें श्रीनिवास ने रामकिशन के सिर पर पत्थरों से वार कर उसका कत्ल कर दिया। कत्ल के बाद आरोपी फरार हो गया था। रामकिशन और श्रीनिवास दोनों एक साथ सेक्टर 41 के लेबर चौक में काम करते थे। कत्ल के कई दिन तक पुलिस उसके पास नहीं पहुंची, तो आरोपी को लगा कि वह बच गया।

वह वापस लेबर चौक में आया और पकड़ा गया। श्रीनिवास इससे पहले गोरखपुर में ही गोली चलाकर कातिलाना हमले के प्रयास का आरोपी भी है और वहां से गोली चलाने के बाद वह भाग आया था। जबकि इससे पहले वह थाइलैंड, सिंगापुर और बैंकाॅक में भी कई बार आता-जाता रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि रामकिशन की पत्नी शांति उसके साथ नहीं रहती थी। इस कारण दोनों में विवाद था और इसी कारण वह उसका कत्ल करवाना चाहता था।
शराब की वजह से पत्नी से रहता था झगड़ा
मृतक रामकिशन यूपी का रहने वाला था। उसकी पत्नी व तीन बच्चे मंडी गोबिंद गढ़ में रहते हैं। रामकिशन का छोटा भाई बड़माजरा में रहता है। रामकिशन बड़हेड़ी चौक पर लेबर का काम करता था। यहीं पर ही वह रहता भी था। जबकि हत्यारा श्रीनिवास भी इसी चौक पर साथ रहता था और लेबर का काम करता था। दोनों शराब पीने के आदि थे। इसी कारण से रामकिशन की पत्नी और बच्चे उसके साथ नहीं रहते थे। एक बार वह अपने दोस्त श्रीनिवास उर्फ लंबू को भी अपने घर पत्नी को मनाने के लिए लेकर गया था।

यह हुआ 9 था सितंबर को
9 सितंबर की रात दोनों ने मिलकर शराब पी। मोहाली में शराब पीने के बाद दोनों सेक्टर 22 आए, यहां से भी उन्होंने शराब पी और इसके बाद वे सेक्टर 18-19-20-21 के चौक के बीच जाकर बैठ गए। इस दौरान रामकिशन श्रीनिवास से बात कर रहा था कि या तो वह उसकी पत्नी की हत्या कर दे, या फिर पैसे वापस लौटा दे। श्रीनिवास ने मना किया तो दोनों में मारपीट हुई। इसके बाद रामकिशन की हत्या की गई।
पुलिस को पहले पत्नी पर हुआ था शक
मर्डर के बाद रामकिशन के भाई ने पुलिस को बताया था कि उसका पत्नी शांति के साथ विवाद चल रहा था। इसके बाद पुलिस मंडी गोबिंदगढ़ पहुंची। यहां पर उन्हें मृतक के बच्चे मिले। लेकिन पत्नी फैक्टरी में काम पर गई हुई थी। पुलिस ने उसे बुलाने की कोशिश की गई लेकिन वह मिलने के लिए तैयार नहीं थी। पुलिस को शांति के थाने न आने पर उसी पर शक होने लगा। पुलिस सीधा उसकी फैक्टरी पहुंची और उससे बात की। लेकिन पूछताछ में सामने आया कि पत्नी का कोई रोल नहीं है।
ऐसे पकड़ा गया
पुलिस ने बड़हेड़ी चौक पर पूछताछ शुरू की। वहां लेबर से पूछताछ में पता लगा कि श्रीनिवास को आखिरी बार मृतक के साथ देखा गया था। लेकिन उस दिन के बाद से वह भी नहीं दिख रहा है। श्रीनिवास मनसा देवी, अंबाला और पटियाला से घूमकर वापस लौट आया। उसे लगा कि पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है, इसलिए वह सेफ है। बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को सेक्टर 7 से गिरफ्तार कर लिया।
गाली-गलोज के बाद हत्या
हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, शराब के नशे में दोनों के बीच गाली गलोज हुई। इसी के चलते उसने हत्या कर दी थी।
- एएसपी परविंदर, डीएसपी ईस्ट