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26/11 मुंबई अटैक: हेडली की गवाही आज फिर, पाक ने कहा रॉ ने खड़ा किया है हेडली को

5 वर्ष पहले
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मुंबई. पाकिस्तानी ओरिजिन के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने गुरुवार को कई खुलासे किए। अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के दौरान उसने बताया कि मुंबई हमलों के लिए आतंकियों को कराची से ऑर्डर मिल रहे थे। साजिद मीर और अबु काफा नाम के दो आतंकी कसाब समेत 10 हमलावरों से लगातार फोन पर बातचीत कर रहे थे। लश्कर ने हमलों के लिए अपना नेवल विंग भी बनाया था। हेडली ने किए 5 बड़े खुलासे...
गुरुवार को क्या खुलासे किए हेडली ने ?
1. हेडली को कब और किसने की थी फंडिंग?
- हेडली ने खुलासा किया- ‘जब मैं 11 अक्टूबर, 2006, में मुंबई में था मुझे तहव्वुर राणा से 66,605 रुपए मिले थे। बाद में उसने 500 यूएस डॉलर भी दिए थे।'
- 'फिर 30 नवंबर को 17, 636 रुपए और 4 दिसंबर, 2006 को 1000 यूएस डॉलर तहव्वुर राणा ने दिए थे।'
- 'भारत आने से पहले मुझे मेजर इकबाल ने 25,000 यूएस डॉलर और साजिद मीर ने 40,000 पाकिस्तानी रुपए दिए थे।'
- 'अब्दुर रहमान पाशा से 18,000 रुपए मिले थे।' बता दें कि राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। इसने हेडली के लिए फंडिंग की थी।
2. मुंबई में कहां खोला था हेडली ने ऑफिस?
- उसने गवाही के दौरान बताया- ‘1 नवंबर 2006 में मैंने मुंबई के ताड़देव इलाके के एससी मार्केट में ऑफिस के लिए एग्रीमेंट किया था। इस ऑफिस के मालिक मिस्टर बोरा थे।'
- ‘हमलों के बाद मैं जनवरी 2009 में मुंबई का ऑफिस बंद करना चाहता था। मेजर इकबाल भी इसे बंद करने के फेवर में था।'
- ‘लेकिन तहव्वुर राणा ने कहा कि वह इसे खोले रखना चाहता है। और उसने इसके लिए कुछ कदम भी उठाए थे।'
3. किसने बताया था कि इशरत लश्कर आतंकी थी
- अमेरिका की जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 55 साल के हेडली ने बताया कि- ‘जकीउर रहमान लखवी ने इशरत जहां की मौत के बारे में बताया था। इशरत फिदायीन आतंकी थी। वो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थी। उसने मुजम्मिल के ऑपरेशन के बारे में बताया था।'
- 'लखवी ने मुज्जमिल भट्ट से कहा कि तुम्हारी वजह से हमारा एक ऑपरेशन फेल हो गया। वे इशरत जहां एनकाउंटर केस के बारे में बात कर रहे थे।'
- 'इस बातचीत के दौरान मैं, लखवी, हाफिज सईद और मुज्जमिल भट के साथ था।'
4. हमले के वक्त कहां बनाया था आतंकियों ने कंट्रोल रूम
- हेडली ने यह भी बताया – '26/11 हमले में भारत में आए पाकिस्तानी आतंकियों से फोन पर बात करने वालों में साजिद मीर और अबु काफा शामिल थे। वे कराची में मौजूद कंट्रोल रूम से बातचीत कर रहे थे।'
- 'लश्कर में लखवी के बाद सेकंड पोजिशन पर अबु काफा है। उससे मैं लाहौर के पास मुरीदके में मिला था।'
- 'साजिद मीर और अबु काफा नाम के दो आतंकी कसाब समेत 10 हमलावरों से लगातार फोन पर बातचीत कर रहे थे। लश्कर ने हमलों के लिए अपना नेवल विंग भी बनाया था। '
5. कोड वर्ड में भेजे जाते थे मेल
- हेडली ने बताया -' जब राणा, मेजर इकबाल और साजिद मीर के साथ हम एक दूसरे को मेल भेजते थे, तब मैं कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करता था।
- 'मैंने पाकिस्तान में तहव्वुर राणा, मेजर इकबाल और साजिद मीर को मेले भेजे थे। उनसे भी मुझे मेल मिले थे।'
- 'मैं 12 सितम्बर, 18 और 30 अक्टूबर, 2007 को रिलायंस वेब वर्ल्ड भी गया था। मैंने immigration.usa लॉगिन आईडी यूजकर इंटरनेट एक्सेस किया था।'
- 'मैंने मुंबई के रिलायंस वेबवर्ल्ड की एंट्री बुक में मेरे सिग्नेचर किए थे।'
बता दें कि, बुधवार को तीसरे दिन अमेरिका से वीडियो लिंक नहीं जुड़ने की वजह से हेडली की कोर्ट में गवाही नहीं हो सकी थी।
चौथे दिन हेडली की गवाही की हाइलाइट्स...

12:50 PM: हेडली के मुताबिक, जकीउर-उर-रहमान लखवी लश्कर का को-फाउंडर है। हाफिज सईद इसका हेड है।
12:45 PM : अबु हमजा की मां वुमन विंग की हेड है।
12:45 PM : लखवी ने मुज्जमिल भट्ट से कहा कि तुम्हारी वजह से हमारा एक ऑपरेशन फेल हो गया। वे इशरत जहां एनकाउंटर केस के बारे में बात कर रहे थे।
12:45 PM : इस बातचीत के दौरान मैं, लखवी, हाफिज सईद और मुज्जमिल भट साथ थे।
12:40 PM : हेडली ने माना कि वह ‘जुंद अल फिदा’ नाम के संगठन से वाकिफ था। यह फिदायीन हमलावरों का संगठन है। इसका चीफ इलियास कश्मीरी है।
12:35 PM : हमने हेडली को लश्कर की तीन महिला फिदायीन हमलावरों के नाम दिए थे। उसने इशरत जहां का नाम कन्फर्म किया।
12:30 PM : हेडली ने कहा- मंुबई हमलों के बाद इलियास कश्मीरी ने मुझे शाबासी दी थी।
12:20 PM : पाकिस्तानी आर्मी के कैप्टन खुर्रम ने आर्मी से नाराज होने के बाद लश्कर ज्वॉइन किया था।
12:15 PM : खुर्रम बाद में लश्कर से भी खफा हो गया। उसने अल कायदा ज्वॉइन कर लिया।
12:05 PM : हेडली ने कहा- मुंबई हमलों में शामिल 10 आतंकियों में से एक काफा का रिश्तेदार था।
12:00 PM : पाकिस्तानी आतंकी ने कहा- अबु काफा साजिद मीर के साथ ही काम करता था। मैं काफा से 2003 में मिला था। वह कोर्स इंस्ट्रक्टर था। बाद में काफा मेरा ट्रेनर बन गया।
11:48 AM : हेडली ने कहा- साजिद मीर ने मुझे मुंबई हमलों के बारे में भारत के मीडिया में हुए कवरेज को अपने लैपटॉप पर दिखाया था।
11:35 AM : हेडली के मुताबिक, मैंने साजिद मीर के लैपटॉप में अबु काफा की आवाज सुनी। तब मुझे मुंबई हमलों में उसका हाथ होने की बात पता चली।
11:15 AM : हेडली का खुलासा- 26/11 हमले में भारत में आए पाकिस्तानी आतंकियों से फोन पर बात करने वालों में साजिद मीर और अबु काफा शामिल थे। वे कराची में मौजूद कंट्रोल रूम से बातचीत कर रहे थे।
10:56 AM : हेडली ने बताया- लश्कर में लखवी के बाद सेकंड पोजिशन पर अबु काफा है। उससे मैं लाहौर के पास मुरीदके में मिला था।
10:45 AM : मुजम्मिल ने ही गुजरात में अक्षरधाम मंदिर पर हमले की साजिश रची थी।
10:35 AM : हेडली ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मुजम्मिल बट ने महाराष्ट्र और गुजरात में कई हमलों की साजिश रची थी। वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद से ही भारत में बड़े हमले करना चाहता था।
10:22 AM : जकीउर रहमान लखवी ने इशरत जहां की मौत के बारे में बताया था।
10:18 AM : इशरत जहां फिदायीन आतंकी थी। वो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थी।
10:15 AM : 2006 से 2009 के बीच भारत में रहने के दौरान मैंने 2 से 3 मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया।
10:12 AM : जब राणा, मेजर इकबाल और साजिद मीर के साथ हम एक दूसरे को मेल भेजते थे, तब मैं कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करता था।
10:10 AM : मैंने पाकिस्तान में तहव्वुर राणा, मेजर इकबाल और साजिद मीर को मेले भेजे थे। उनसे भी मुझे मेल मिले थे।
10:05 AM : मुंबई में रिलायंस वेबवर्ल्ड की एंट्री बुक में मेरे सिग्नेचर हैं।
10:00 AM : मैं 12 सितम्बर, 18 और 30 अक्टूबर, 2007 को रिलायंस वेबवर्ल्ड भी गया था। मैंने immigration.usa लॉगिन आईडी यूजकर इंटरनेट एक्सेस किया था।
09:35 AM : आरबीआई ने बिजनेस अकाउंट खोलने से इनकार कर दिया था।
09:30 AM : मैंने बिजनेस अकाउंट ओपन करने के लिए आरबीआई में एक एप्लिकेशन भी दी थी। जिसमें रेमंड सैंडर्स के सिग्नेचर थे।
08:50 AM: लेकिन तहव्वुर राणा ने कहा कि वह इसे खोले रखना चाहता है। और उसने इसके लिए कुछ कदम भी उठाए थे।
08:40 AM: हमलों के बाद मैं जनवरी 2009 में मुंबई का ऑफिस बंद करना चाहता था। मेजर इकबाल भी इसे बंद करने के फेवर में था।
08:30 AM: हमलों से पहले तहव्वुर राणा भारत आया था।' बता दें कि राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। इसने हेडली के लिए फंडिंग की थी।
08:25 AM: 1 नवंबर 2006 में मैंने मुंबई के ताड़देव इलाके में ऑफिस के लिए एग्रीमेंट किया था। इस ऑफिस के मालिक मिस्टर बोरा थे।
08:20 AM: मुझे अब्दुर रहमान पाशा से 18,000 रुपए मिले थे।
08:20 AM: भारत आने से पहले मुझे मेजर इकबाल ने 25,000 यूएस डॉलर और साजिद मीर ने 40,000 पाकिस्तानी रुपए दिए थे।
08:17 AM: 30 नवंबर को 17, 636 रुपए और 4 दिसंबर, 2006 को 1000 यूएस डॉलर तहव्वुर राणा ने दिए थे।
08:15 AM: मुझे 7 नवंबर को तहव्वुर राणा ने 500 यूएस डॉलर मिले थे।
08:10 AM: जब मैं 11 अक्टूबर, 2006, में मुंबई में था मुझे तहव्वुर राणा से 66,605 रुपए मिले थे।
08:00 AM: हेडली की कोर्ट के सामने गवाही शुरू।
07:10 AM : डेविड हेडली की गवाही के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्जवल निकम मुंबई कोर्ट पहुंचे।
इशरत जहां मामले में क्या बोला हेडली
- हेडली ने अपनी गवाही के चौथे दिन गुरुवार को कहा, ‘लश्कर-ए-तैयबा का एक ऑपरेशन था जिसमें किसी नाके पर पुलिस को शूट करने की साजिश थी। इसमें लश्कर-ए-तैयबा की महिला इशरत जहां शामिल थी।’
- स्पेशल प्रॉसिक्यूटर उज्जवल निकम ने बताया कि गवाही के दौरान हेडली से खासतौर पर पूछा गया था कि क्या लश्कर में कोई महिला फिदायीन हमलावर शामिल है?
- निकम ने कहा कि पहले तो हेडली ने इनकार किया लेकिन बाद में इशरत जहां का नाम लिया। उसने यह भी बताया कि अबु आयमान मजहर लश्कर की महिला विंग का इन्चार्ज था।
- बीजेपी स्पोक्सपर्सन शाहनवाज हुसैन ने इस पर कहा, 'जो लोग इशरत जहां को बिहार की बेटी बताते थे उन्हें अब अपने शब्द वापस लेने चाहिए।'
पाकिस्तान ने हेडली के दावों को नकारा, खबरों में जगह नहीं
- न्यूजपेपर डॉन और द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने हेडली को एक अमेरिकी करार देते हुए सीधे तौर पर उसके किसी भी बयान को जगह नहीं दी।
- उसने सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के बयान के हवाले से खबर छापी है।
- आठ फरवरी को गवाही के पहले दिन जब हेडली ने यह खुलासा किया था कि उसने आठ बार भारत की यात्रा की थी तो डॉन ने इस खबर को 16वें पेज पर जगह दी थी।
- पाकिस्तान सरकार ने हेडली की गवाही पर अब तक कोई ऑफिशियल रिएक्शन नहीं दिया है।
- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के पूर्व सांसद और गृहमंत्री रहमान मलिक ने दावा किया कि हेडली को भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी 'रॉ' ने खड़ा किया है, ताकि हमले के बारे में बातें बनाई जा सकें।
आगे की स्लाइड्स में देखें, दूसरे दिन की पेशी की हाइलाइट्स। और हेडली ने पहले दिन क्या बताया था...?
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